logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

वाराणसी: अब आंगनबाड़ी के नौनिहालों का भी होगा 'निपुण असेसमेंट', जिलाधिकारी ने कहा- मई तक पूरा करें बच्चों का मूल्यांकन

वाराणसी के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों के पोषण के साथ-साथ उनकी शुरुआती शिक्षा (Pre-Primary) को भी नई धार दी जाएगी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को जिला पोषण समिति की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी के बच्चों का भी 'निपुण असेसमेंट' कराया जाएगा।

मई तक असेसमेंट, फिर प्राइमरी स्कूल में दाखिला
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर शैक्षिक गतिविधियों का दैनिक कैलेंडर जारी किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो। उन्होंने निर्देश दिया कि:मई माह के अंत तक सभी निर्धारित मानकों के आधार पर बच्चों का मूल्यांकन (Assessment) कर लिया जाए।

जो बच्चे मानक पूरे कर लेते हैं, उनका नामांकन सीधे प्राथमिक विद्यालय की कक्षा-1 में कराया जाए।

जो बच्चे मानक से पिछड़ रहे हैं, उन पर विशेष ध्यान देकर अगले 2 महीने के भीतर उन्हें 'निपुण' बनाया जाए।

क्या हैं आंगनबाड़ी के लिए 'निपुण लक्ष्य'?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं, जिन्हें हासिल करना अनिवार्य है:

आकृतियों (Shapes) और रंगों की पहचान।

हिंदी और अंग्रेजी वर्णमाला का बुनियादी ज्ञान।

1 से 20 तक की गिनती।

बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के कम से कम पांच शब्दों को पढ़ने की क्षमता।अभिभावकों को मिलेगा 'असेसमेंट कार्ड'
बच्चों की प्रगति को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने असेसमेंट कार्ड जारी करने के निर्देश दिए हैं। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे के सुधार की जानकारी मिल सकेगी और आंगनबाड़ी में दी जाने वाली 'स्कूल पूर्व शिक्षा' के प्रति उनका विश्वास बढ़ेगा।

26 हजार से अधिक बच्चों का होगा मूल्यांकन
जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह ने बैठक में बताया कि जनपद के 3914 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 5 से 6 वर्ष की आयु के कुल 26,664 बच्चे पंजीकृत हैं। इन सभी बच्चों का निपुण असेसमेंट चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा।

कुपोषण पर भी पैनी नजर
शिक्षा के साथ-साथ जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित बच्चों के साप्ताहिक फॉलो-अप और उनके खान-पान की विशेष निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पोषण और शिक्षा दोनों ही बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

बैठक में इनकी रही मौजूदगी:समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी डी.के. सिंह, समाज कल्याण अधिकारी गिरीश दुबे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित सभी ब्लॉकों के बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) उपस्थित रहे

0
35 views

Comment