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सफीदों के नजदीकी गांव खेड़ा खेमावती के पास एक राइस मिल में लगी भीषण आग 3 घंटे तक भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी,

सफीदों - सोमवार दोपहर नगर के नजदीकी गांव खेड़ा खेमावती के पास स्थित राधे-राधे राइस मिल में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि मिल में रखी खाली बोरियां और जीरी (धान) से भरी बोरियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। इस हादसे में मिल मालिक को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार आगजनी की घटना करीब पौने एक बजे हुई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दमकल विभाग की गाड़ी करीब तीन घंटे बाद, यानी लगभग चार बजे मौके पर पहुंची। इस दौरान मिल मालिक अनिल जिंदल लगातार अधिकारियों, दमकल विभाग और मार्केट कमेटी सचिव से संपर्क करते रहे, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि सफीदों की फायर ब्रिगेड गाड़ी उस समय गांव सिवानामाल में लगी आग बुझाने में व्यस्त थी, जबकि असंध और पिल्लूखेड़ा क्षेत्रों में भी कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं थी। इस कारण राइस मिल में लगी आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय व्यापारियों और मजदूरों को खुद ही प्रयास करने पड़े। मिल में मौजूद पानी की टंकियों से पाइप लगाकर, पानी के टैंकर मंगवाकर और अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन आग इतनी ज्यादा थी कि ये सभी प्रयास सफल नहीं हुए। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई और देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना प्रभारी रामकुमार, सदर थाना प्रभारी राजेश और नायब तहसीलदार संजय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बाद में पुलिस कर्मियों और होमगार्ड की मदद से दमकल की गाड़ी घटनास्थल तक पहुंची और आग बुझाने का कार्य शुरू किया गया।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि राइस मिल के पास खेतों में एक किसान द्वारा गेहूं के अवशेष जलाए जा रहे थे। इसी दौरान हवा के कारण आग मिल तक पहुंच गई और पहले खाली बोरियों को अपनी चपेट में लिया, जिसके बाद यह जीरी से भरी बोरियों तक फैल गई। मिल में काम कर रहे मजदूरों ने समय रहते आग की सूचना मालिक को दी, जिसके बाद अनिल जिंदल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करवाया। हालांकि, दमकल विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण समय पर गाड़ी उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे आग पर नियंत्रण पाने में काफी देरी हुई और नुकसान बढ़ता चला गया। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में दमकल सेवाओं की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि हर साल गेहूं के सीजन में इस तरह की घटनाएं होती हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण समय पर आग पर काबू नहीं पाया जा सकता।

सफीदों में एक ही फायर ब्रिगेड गाड़ी, बढ़ रही परेशानी
सफीदों विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में केवल एक ही फायर ब्रिगेड गाड़ी उपलब्ध है, जिससे आपात स्थिति में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कच्चा आढ़ती संघ के प्रधान गणेशी लाल ने सरकार से मांग की है कि सफीदों और पिल्लूखेड़ा में कम से कम दो-दो दमकल गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों और व्यापारियों को आगजनी की घटनाओं में भारी नुकसान से बचाया जा सके।

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