मवाना में पत्रकारों पर हमले, उपज प्रतिनिधि मंडल ने डीआईजी को सौंपा ज्ञापन
मेरठ। मवाना थाना क्षेत्र में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों और पुलिस की कथित निष्क्रियता के खिलाफ उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (उपज) ने उपमहानिरीक्षक, मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी से मिलकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष अजय चौधरी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उपज ने आरोप लगाया कि मवाना क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में है और पुलिस की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में है। 18 मार्च को कोर्ट रेजिडेंसी कॉलोनी में कवरेज के दौरान पत्रकार संचित अरोड़ा व इसरार अंसारी के साथ मारपीट और मोबाइल तोड़े जाने की घटना का उल्लेख करते हुए संगठन ने कहा कि तहरीर देने के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
जो पुलिस की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
इसके अलावा 26 मार्च को किला रोड पर पत्रकार संचित अरोड़ा के साथ मारपीट और एक आरोपी को बिना कार्रवाई छोड़े जाने का मामला भी उठाया गया। उपज ने इसे पुलिस की संदिग्ध कार्यशैली बताया।
वहीं 9 अप्रैल को पत्रकार अमित कांबोज को पुलिस चौकी बुलाकर धमकाने और 12 अप्रैल को कवरेज के दौरान अभद्रता कर मोबाइल छीनने की घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया गया।
उपज ने सभी घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई, फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा संबंधित थाना व चौकी प्रभारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। संगठन ने चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अध्यक्ष मेरठ अजय चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष विश्वास राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयवीर त्यागी, संगठन महामंत्री ताज मोहम्मद, जिला प्रवक्ता अरुण सागर, मवाना तहसील अध्यक्ष संचित अरोड़ा, मवाना तहसील महामंत्री इसरार अंसारी, मदनपाल गौतम, जिला सचिव रवि गौतम शामिल रहे।