JAMSHEDPUR : जमशेदपुर के आसमान में गरजे फाइटर जेट, कम ऊंचाई पर उड़ान से लोग चौंके
जमशेदपुर के आसमान में गरजे फाइटर जेट, कम ऊंचाई पर उड़ान से लोग चौंके
जमशेदपुर (झारखंड)। जमशेदपुर में गुरुवार को अचानक आसमान में फाइटर जेट दिखाई दिए। इससे शहरवासी चौंक उठे। एक के बाद एक दो सुखोई SU 30-MKI फाइटर जेट कम ऊंचाई पर उड़ते हुए शहर के ऊपर से गुजर गए। आवाज इतनी तेज थी कि लोग घरों से निकलकर छतों की ओर दौड़ पड़े। सुखोई SU 30-MKI फाइटर जेट 3000 किमी तक जा कर हमला कर सकता है। इसे भविष्य में लेज़र बमों से लैस करने की योजना है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल का कलाई कुंडा एयर फोर्स स्टेशन नजदीक होने की वजह से अक्सर जमशेदपुर के आसमान में फाइटर जेट देखे जाते हैं। कलाइकुंडा एयर फोर्स स्टेशन से अक्सर एयर फोर्स के सैनिकों को उड़ान की ट्रेनिंग दी जाती है। आज की इस घटना के बाद पूरे शहर में चर्चा शुरू हो गई कि आखिर जमशेदपुर जैसे शहर में फाइटर जेट क्यों उड़ रहे हैं। कई लोगों को मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर की भी याद आ गई, जब देर रात इसी तरह फाइटर जेट की तेज आवाज सुनाई दी थी।
यही नहीं कुछ लोगों का कहना है कि ईरान अमेरिका में जब युद्ध चल रहा था। तब भी फाइटर जेट जमशेदपुर के ऊपर उड़ते दिखाई दिए थे।जानकारी के अनुसार ये फाइटर जेट पश्चिम बंगाल के कलाईकुंडा एयर फोर्स स्टेशन से उड़े थे। यह भारतीय वायुसेना की एक नियमित टैक्टिकल ट्रेनिंग सॉर्टी थी। इसमें जेट्स को कम ऊंचाई पर उड़ाने का अभ्यास कराया जाता है। फाइटर जेट दुश्मनों के रडार से बचने के लिए नीची उड़ान भरते हैं।
ऐसी ट्रेनिंग के दौरान फाइटर जेट आमतौर पर 250 से 500 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं, जबकि विशेष परिस्थितियों में यह ऊंचाई 100 फीट तक भी लाई जा सकती है। कम ऊंचाई पर उड़ान भरने का मकसद दुश्मन के रडार से बचना और जमीन पर मौजूद लक्ष्य को सटीक तरीके से भेदने का अभ्यास करना होता है।फाइटर जेट की आवाज 130 से 150 डेसिबल तक हो सकती है, जो एंबुलेंस के सायरन से भी ज्यादा तेज होती है।
अगर जेट ध्वनि की गति से तेज उड़ान भरता है तो सोनिक बूम पैदा होता है, जो जमीन पर धमाके जैसा महसूस होता है।इस संबंध में सोनारी स्थित एयरपोर्ट को पहले ही सूचना दे दी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी तरह से नियमित और योजनाबद्ध प्रशिक्षण उड़ान थी, जिससे आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।