पहली बोर्ड बैठक में मेयर सुधा गुप्ता का कड़ा एक्शन, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस—कंपनी टर्मिनेट, कर्मचारी कार्यमुक्त, कई बड़े विकास प्रस्ताव मंजूर
पहली बोर्ड बैठक में मेयर सुधा गुप्ता का कड़ा एक्शन, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस—कंपनी टर्मिनेट, कर्मचारी कार्यमुक्त, कई बड़े विकास प्रस्ताव मंजूर
प्रमुख सड़कों एवं नाली निर्माण की स्वीकृति,
होल्डिंग टैक्स के प्रस्ताव की होगी समीक्षा,
CSR के माध्यम से होगा विभिन्न योजनाओं का शुभारम्भ
जमशेदपुर (झारखंड)। नगर निगम की पहली बोर्ड बैठक में मेयर सुधा गुप्ता पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आईं। बैठक में भ्रष्टाचार और अफसरशाही के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्य में लापरवाही बरतने पर नगर निगम कर्मचारी निर्मल को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया, वहीं बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया।
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कचड़ा उठाने वाली क्यूब कंपनी का अनुबंध समाप्त कर दिया गया। साथ ही कंपनी के पिछले दो वर्षों के भुगतान पर रोक लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया।
शहरी विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। 1000 नई स्ट्रीट लाइट की खरीद और 7000 से अधिक पुरानी लाइटों की मरम्मत का आदेश दिया गया। आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए विशेष टीम गठित करने और सेटलर निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ। बस्तियों के सीमांकन एवं नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू करने का निर्णय लिया गया।
सार्वजनिक सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए सभी शौचालयों के जीर्णोद्धार और रंग-रोगन का निर्णय लिया गया। सुरक्षित शहर के उद्देश्य से प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही टाउन हॉल, विवाह मंडप और नए नगर निगम कार्यालय के निर्माण की योजना भी स्वीकृत की गई।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल और फुट ओवरब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। शहर में पार्क और ओपन जिम विकसित करने के साथ-साथ सभी पानी टंकियों की सफाई का निर्देश दिया गया। श्रमिकों के लिए शेल्टर होम निर्माण का प्रस्ताव भी पास किया गया।
पर्यावरण और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए पृथ्वी पार्क और नेचर पार्क के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। एमजीएम के तराई क्षेत्र में वॉक-वे निर्माण, वेंडिंग जोन और रिवर फ्रंट डेवलपमेंट जैसी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2.30 करोड़ रुपये की एफएसटीपी योजना को स्वीकृति दी गई। डिजिटल होर्डिंग लगाने, झरना रोड स्थित बड़े नाले के निर्माण और सफाई, तथा कचड़ा उठाव के लिए नई योजना लागू करने का निर्णय लिया गया।
शहर में जल संकट से निपटने के लिए सर्वे हेतु कंसल्टेंसी नियुक्त करने और व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने का प्रस्ताव पारित हुआ। जयपाल कॉलोनी से गुजरने वाली पाइपलाइन कार्य की शुरुआत और विभिन्न पानी टंकियों से बाधाएं हटाकर जलापूर्ति बहाल करने की योजना को भी मंजूरी मिली।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मोबाइल मेडिकल वैन, नए स्वास्थ्य केंद्र और एम्बुलेंस खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
इस बैठक के जरिए मेयर ने स्पष्ट संकेत दिया कि शहर के विकास और व्यवस्था सुधार में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।