"सिंहस्थ 2028" पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की पांचवी बैठक में चर्चा
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित सभी कार्य वर्ष 2027 की दीपावली तक आवश्यक रूप से पूर्ण कर लिए जाएं। सिंहस्थ के सफल संचालन, विकास कार्यों की निगरानी और समीक्षा तथा सूचना शिक्षा-संचार गतिविधियों के लिए जितने अधिकारियों -कर्मचारियों की आवश्यकता है उनकी संबंधित विभागों में तत्काल पूर्ति की जाए। सिंहस्थ के सफल संचालन के लिए पर्याप्त अधिकारियों-कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सिंहस्थ से संबंधित विभिन्न दायित्वों के लिए सघन प्रशिक्षण की व्यवस्था आरंभ की जाए। अधोसंरचना से संबंधित सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश सिंहस्थ 2028 के आयोजन के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की मंगलवार को मंत्रालय में हुई पांचवी बैठक में दिए। मंत्रीमंडलीय समिति की आगामी बैठक उज्जैन में की जाए। मंत्रीमंडलीय समिति ने 2 हजार 923 करोड़ 84 लाख रूपए राशि के 22 कार्यों को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ के लिए हो रहे कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर वित्तीय प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट आवश्यक रूप से कराया जाए। सिंहस्थ के लिए उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले भवनों का निर्माण इस प्रकार किया जाए ताकि वे सिंहस्थ के बाद होने वाले वार्षिक आयोजनों के लिए भी उपयोगी हों। इसी प्रकार सड़कों का निर्माण इस प्रकार किया जाए जिससे महाकाल लोक के अतिरिक्त उज्जैन के अन्य प्रमुख तीर्थों तक आवागमन अधिक सुगम हो सके। उन्होंने कहा कि दूरदराज से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा की दृष्टि से उज्जैन के 100 कि.मी. रेडियस में होम स्टे, पार्किंग, जन सुविधाएं विकसित करने को प्राथमिकता दी जाए। सिंहस्थ के समस्त प्रबंधन में स्थानीय संस्थाओं के सहयोग और जनसहभागिता को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षिप्रा नदी पर पैदल तीर्थ यात्रियों के लिए पृथक से ब्रिज बनाने के निर्देश भी दिए।