सनातन संस्कृति भारत की आत्मा-विनीत अग्रवाल शारदा
मेरठ। दिल्ली रोड स्थित चैंबर्स ऑफ़ कॉमर्स में अखिल भारतीय साहित्य लोक द्वारा हिंदू नव वर्ष की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा ने कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नव संवत्सर केवल नया वर्ष ही नहीं बल्कि सनातन संस्कृति के नव जागरण का पर्व है यह वह परंपरा है जिसने हजारों वर्षों से भारत को ज्ञान अध्यात्म और संस्कृति की दिशा दी है।
भारत की पहचान उसकी सनातन परंपरा और हिंदुत्व की चेतना से है यह वही भूमि है जहां भगवान श्री राम ने मर्यादा का मार्ग दिखाया भगवान श्री कृष्ण ने धर्म और कर्म का संदेश दिया और छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदू स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया जब समाज अपनी संस्कृति और परंपरा से जुड़ता है तो राष्ट्र स्वत: ही मजबूत हो जाता है और दुनिया उसे सम्मान देने के लिए बाध्य हो जाती है।
भारत की शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार में है यही कारण है कि भारत विश्व गुरु बनने को अग्रसर है उन्होंने सभी सनातनियों से भारत को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर सहयोग देने का आवाहन किया मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन करते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर श्रीमती मीनाक्षी भराला ने हिंदी संस्कृति को श्रेष्ठ बताते हुए उन्हें अपने जीवन में समाहित करने का बल दिया उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंभकम् का भाव हिंदू संस्कृति में ही है जो विश्व बंधुत्व की जड़ है।
अखिल भारतीय साहित्य लोक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुबोध गर्ग ने हिंदी में बोलने एवं हस्ताक्षर करने की अपील की समारोह में *बच्चों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
जिसमें आनंदिता आचार्य ने मनमोहन भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी इसके उपरांत समूचा हाल तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा इस अवसर पर नव संवत्सर तिथि पत्र का लोकार्पण भी किया गया। सभी को शपथ दिलवाई गई एवं कार्यक्रम में सहभागिता करने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किया गया।