सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं
मेरठ। देश की जनता ने देख लिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इशारे पर काम करने वाली तथाकथित “तोता-मैना” ईडी और सीबीआई की तमाम साजिशें धराशायी हो गईं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित हमारे तमाम नेताओं को झूठे मामलों में फँसाकर बदनाम करने, जेल में डालकर मनोबल तोड़ने और ईमानदार राजनीति को कुचलने की कोशिश की गई। लेकिन सच को दबाया नहीं जा सका।
सत्ता के दुरुपयोग से रची गई हर साजिश बेनकाब हुई है। यह स्पष्ट हो गया है कि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया गया।
हम खुली चुनौती देते हैं — अगर हिम्मत है तो राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मंच पर लड़िए, एजेंसियों के पीछे छिपकर नहीं।
जनता सब देख रही है, और आने वाले समय में जनता ही इसका जवाब देगी। आज न्याय और सच्चाई की जीत हुई है। यह जीत अरविंद केजरीवाल जी की ईमानदार राजनीति की जीत है,
यह जीत आम आदमी पार्टी के हर कार्यकर्ता के संघर्ष की जीत है, और यह जीत देश की जनता की जीत है।
झूठ चाहे कितना भी ताकतवर क्यों न हो,
सच के सामने टिक नहीं सकता।