logo

कड़े बंदोबस्त के बावजूद सपा प्रतिनिधिमंडल की दालमंडी में एंट्री, व्यापारियों से की मुलाकात

चन्दौली वाराणसी दालमंडी प्रकरण को लेकर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच शनिवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब कड़े पुलिस बंदोबस्त के बावजूद समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारी दालमंडी क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल रहे।

पुलिस ने पहले से संभावित राजनीतिक गतिविधि को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कई सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट भी किया गया था। इसके बावजूद सपा का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस को चकमा देकर दालमंडी पहुंच गया और वहां व्यापारियों व स्थानीय लोगों से मुलाकात की।पुलिस को चकमा देकर पहुंचे नेता

जानकारी के अनुसार, सपा नेता किशन दीक्षित, लालू यादव, राहुल यादव समेत अन्य कार्यकर्ता अलग-अलग रास्तों से दालमंडी पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ितों और व्यापारियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समर्थन जताया।

सपा नेताओं का कहना है कि वे पीड़ितों की आवाज उठाने और जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने राजनीतिक दबाव में आकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वे क्षेत्र तक पहुंचने में सफल रहे।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम के बाद वाराणसी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। दालमंडी क्षेत्र में पहले से भारी पुलिस बल तैनात था और राजनीतिक दलों के प्रवेश पर निगरानी रखी जा रही थी। इसके बावजूद सपा पदाधिकारियों का वहां पहुंचना प्रशासन के लिए चुनौती माना जा रहा है।सियासी माहौल गरमाया

दालमंडी प्रकरण को लेकर पहले से ही शहर में राजनीतिक माहौल गरम है। इससे पहले सपा नेताओं को दालमंडी जाने से रोका गया था और कई पदाधिकारियों को नजरबंद किया गया था। ऐसे में पुलिस घेरा तोड़कर नेताओं का पहुंचना शहर की राजनीति में नई हलचल का संकेत माना जा रहा है।

सपा कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की जीत बताया है और कहा है कि वे आगे भी पीड़ितों के हक में आवाज उठाते रहेंगे।

दालमंडी का मुद्दा अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में इसको लेकर प्रशासन और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति और तेज हो सकती है।

0
35 views