
मौत से जंग लड़ता मिला नवजात, डॉक्टरों और मातृत्व ने बचाई नन्ही जान
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
ऊँचेहरा जिला सतना मध्यप्रदेश के निर्जन भरहुत पहाड़ के पास जब एक नवजात शिशु लावारिस हालत में पड़ा मिला, न बोल पाने वाला वह मासूम, अपनी पहली सांसों के साथ ही मौत से जूझ रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऊँचेहरा पहुँची, जहाँ उसकी हालत बेहद नाज़ुक थी। यहीं से शुरू हुई इंसानियत की जीत।सीबीएमओ डॉ. ए.के. राय के नेतृत्व में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने बिना एक पल गंवाए इलाज शुरू किया। डॉ. विनीत गुप्ता, डॉ. अनामिका राय, डॉ. श्रुति अग्रवाल, स्टाफ नर्स अनिता तोमर, एएनएम और बीपीएम संजीव ताम्रकार ने उस नन्हे जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। इलाज के बाद जब मासूम की सांसें स्थिर हुईं, तो स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती अन्य प्रसूता माताओं ने भी मां बनने का धर्म निभाया। उनकी सहमति से शिशु को वेट फीडिंग कराई गई—ममता ने ममता को बचाया। हालत में सुधार के बाद डॉ. ए.के. राय ने विशेष 108 एंबुलेंस से नर्सिंग स्टाफ के साथ नवजात को जिला अस्पताल सतना भेजा, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके।