
UNODC का अपनी एक नई रिपोर्ट में खुलासा,भ्रष्टाचार के बिना बड़े पैमाने पर मानव तस्करी संभव नहीं
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
अपनी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ओन ड्रग एंड क्राइम ने खुलासा किया है कि सीमा सुरक्षा कर्मी और सरकारी अधिकारी कई बार लाभ के बदले या धमकी के कारण आँखें मूँद लेते हैं, जिससे भ्रष्टाचार और अपराध का यह चक्र चलता रहता है।यह रिपोर्ट लगभग 80 देशों से जुड़े 120+ मामलों का विश्लेषण करते हुए मानव तस्करी व भ्रष्टाचार के बीच “छिपी हुई कड़ियों” को उजागर करती है। मानव तस्करी के कई रूपों में यौन शोषण, जबरन श्रम, जबरन भीख मंगवाना, अंगों की तस्करी और अवैध रूप से गोद लेना शामिल हैं। सीमाओं पर रिश्वत और भ्रष्टाचार से हासिल किए गए कागज़ात लोगों को एक देश से दूसरे देश तक ले जाने में मदद करते हैं। फर्जी दस्तावेज़ बनवाने, अनियमितताओं को नज़रअंदाज़ करने और संगठित अपराधी समूहों से मिलीभगत के ज़रिये – रिपोर्ट बताती है कि भर्ती से लेकर परिवहन तक, हर चरण में भ्रष्टाचार मौजूद रहता है। एक बार शोषण शुरू हो जाने के बाद, पीड़ितों के लिए मदद माँगना बेहद मुश्किल हो जाता है। कृषि, निर्माण, मत्स्य पालन और घरेलू काम जैसे क्षेत्रों में भ्रष्टाचार तस्करी को छिपाए रखता है और पीड़ितों को जबरन श्रम, यौन शोषण और जबरन अपराध में फँसाए रखता है। अंततः, भ्रष्टाचार मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में भी बाधा बनता है - चाहे वह पुलिस जाँच हो, मुकदमे हों, न्यायिक फैसले हों या पीड़ितों को सहायता।