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खरखौदा के समग्र विकास को लेकर प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने ली अधिकारियों की समीक्षा बैठक।

खरखौदा/सोनीपत/सोमपाल सैनी - 7988804545, 8950236002

*आईएमटी खरखौदा में चल रहे विकास कार्यों को एचएसआईआईडीसी तय समय-सीमा में करे पूरा - डीएस ढेसी।

*मारुति प्लांट के दृष्टिगत वर्ष 2035 व 2041 तक की दीर्घकालीन विकास व आवश्यक जरूरतों की योजना तैयार करने के लिए की गई विशेष कमेटी गठित।

खरखौदा में बुधवार को एसडीएम कार्यालय में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने आईएमटी क्षेत्र में मारुति के प्लांट के निर्माण को ध्यान में रखते हुए खरखौदा के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास को लेकर एसडीएम कार्यालय में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्य रूप से खरखौदा क्षेत्र को औद्योगिक, आवासीय तथा आधारभूत संरचना के दृष्टिकोण से भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर गहन चर्चा की गई। प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने आईएमटी खरखौदा में किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी)द्वारा आईएमटी में कराए जा रहे सभी विकास कार्यों को निश्चित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आईएमटी में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी औद्योगिक विकास और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर सकती है, इसलिए नियमित मॉनिटरिंग और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी ने कहा कि मारुति-सुजुकी इंडिया लिमिटेड, यूएनओ मिंडा के बड़े औद्योगिक प्लांट के आने से खरखौदा और आसपास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास की संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं।

इस परियोजना से जहां एक ओर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा, वहीं दूसरी और जनसंख्या वृद्धि, आवासीय मांग, यातायात दबाव और नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ेगी। इन्हीं पहलुओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2035 और 2041 के लिए दीर्घकालीन विकास योजना तैयार करने जरूरी है। इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने चीफ टाऊन प्लानर पीपी सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।

प्रधान सलाहकार ने कहा कि इस कमेटी नगर नियोजन, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य, विद्युत, आदि उद्योग विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह कमेटी खरखौदा के मास्टर प्लान को वैज्ञानिक, व्यावहारिक और सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित करते हुए तैयार करेगी। उन्होंने कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान बनाते समय सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम, ठोस कचरा प्रबंधन, बिजली आपूर्ति, हरित क्षेत्र, औद्योगिक जोन, आवासीय सेक्टर, वाणिज्यिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं और सार्वजनिक परिवहन जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को समग्र रूप से शामिल किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास ऐसा हो, जिससे आने वाले दशकों तक नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर, स्वच्छ वातावरण और सुदृढ़ बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य की बढ़ती आबादी और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग व्यवस्था, रिंग रोड, ग्रीन बेल्ट और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष फोकस रखा जाएगा।

साथ ही, स्मार्ट सिटी की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल और तकनीकी समाधानों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने भविष्य में खरखौदा में विकसित किए जाने वाले आवासीय सेक्टरों को लेकर भी चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने मारुति के अधिकारियों से भी प्लांट के संबंध में बातचीत की। मारुति के अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट फेज वाइज तैयार किया जा रहा है जो वर्ष 2029 में बनकर तैयार होगा।

इसका पहला फेज पूरा हो चुका है। दूसरा फेज मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मारुति प्लांट में गाड़ियों का प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। बैठक में एसएमडीए के एडिशनल सीईओ वीना हुड्डा, एसडीएम निर्मल नागर, चीफ टाऊन प्लानर पीपी सिंह, एसएमडीए से चीफ राजीव गुप्ता, डीटीपी अजमेर साहित्य संबंधित विभागों व मारुति के अधिकारी मौजूद रहे। यह प्लांट मारुति का देश में सबसे बड़ा प्लांट होगा जहां हर वर्ष 11 लाख गाड़ियां तैयार की जाएगी।

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