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Ashok Kumar
All India Media Association

*बढ़ते संक्रमण से नहीं हैं सावधान, गाइडलाइन की कर रहे अनदेखी*


अम्बेडकरनगर। कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। बढ़े खतरे के बावजूद लोग सावधान नहीं हैं। शासन की ओर से पहले से निर्धारित कोरोना गाइडलाइन का अनुपालन नहीं कर रहे हैं। खासकर मास्क पहनने की अनिवार्यता के अनुपालन का आदेश शहर में बेमानी है। अकबरपुर शहर में मास्क और दैहिक दूरी की अनिवार्यता का आदेश पूरी तरह से बेमानी है।मंगलवार का दिन अकबरपुर बाजार बंदी का दिन होता है। इससे अकबरपुर शहर की दुकानें बंद थी। चाय स्टॉल, जलपान गृह, होटल-रेस्टोरेंट, मिष्ठान की दुकानें खुली हुई थी। बंदी के दिन इन खुली दुकानों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखा। लोग बिना मास्क और शारीरिक दूरी पर दुकानों पर मौजूद रहे और कारोना गाइडलाइन का माखौल उड़ाते दिखे। कलेक्टे्रट, जिला अस्पताल, विकास भवन में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती रहीं।सार्वजनिक स्थलों पर भी हो रही अनदेखी बाजार ही नहीं सार्वजनिक स्थलों पर ही सर्वाधिक बेफिक्री देखने को मिल रही है। मंगलवार को सार्वजनिक स्थलों पर ही कोरोना गाइडलाइन का माखौल उड़ाया जाता दिखा। पुरानी तहसील पर जहां हमेशा सिविल पुलिस और यातायात पुलिस के जवान मौजूद रहते हैं वहीं हद दर्जे की लापरवाही बरती जाती है। हमेशा लोग बिना मास्क के मौजूद रहते हैं। सवारी बसों का इंतजार कर रहे दर्जनों यात्री बिना मास्क के मंगलवार के दोपहर में मौजूद थे। कमोबेश ऐसी ही स्थिति नगर के फौवारा तिराहा, बस स्टेशन क्षेत्र में भी दिखा। लोग दुकानों में जहां बिना और दैहिक दूरी के बैठे थे वहीं सवारी का इंतजार करने वाले यात्री भी बिना मास्क के थे।

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*पापा को छोड़ें या पद, सांसत में सांसद*


अंबेडकरनगर: विधानसभा चुनाव में एक तरफ परिवार की इज्जत और राजनीतिक रसूख का सवाल है तो दूसरी ओर विरोधी दल से सांसद होने की जिम्मेदारी। ऐसे में किसका सम्मान करें और किसका परित्याग, यह तय कर पाना अंबेडकरनगर के सांसद रितेश पांडेय के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप के डर से न पापा के पक्ष में खुलकर प्रचार कर पा रहे हैं और न ही पद के मोह में पार्टी से इस्तीफा देते बन रहा है।अंबेडकरनगर लोकसभा सीट से पहली बार बसपा से सांसद बने रितेश पांडेय के पिता और पूर्व सांसद राकेश पांडेय ने हाल में हाथी छोड़ साइकिल की सवारी कर ली। जलालपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर उनका चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। इसी शर्त पर वह बसपा छोड़ सपा में शामिल भी हुए हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा होना अभी बाकी है। उद्योगपतियों में शुमार राकेश पांडेय पूरी ताकत के साथ घर-घर चुनाव प्रचार में लगे हैं, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के चलते बाप-बेटे की राह अलग-अलग दिख रहीं हैं। मुश्किल से पखवाड़े भर पूर्व सपा में शामिल होने के बाद पहली बार यहां पहुंचे उनके स्वागत में कल तक उनके राजनीतिक विरोधी रहे लोग भी शामिल हुए, पर सांसद बेटे रितेश पांडेय दूर-दूर तक नजर नहीं आए।ऐसा नहीं कि एक दूसरे को फूटी आंख न सुहाने वाले खेमे में होने को लेकर दोनों में कोई द्वंद है, बल्कि ऐसा राजनीतिक मजबूरियों के चलते हो रहा है। सांसद रितेश पांडेय की मुश्किल यह है कि यदि अपने पिता के पक्ष में सार्वजनिक तौर पर चुनाव प्रचार करते हैं तो उन पर पार्टी की निष्ठा से खिलवाड़ का आरोप लगेगा और पद से इस्तीफा देते हैं तो स्वत: सांसदी चली जाएगी। उधर, कई मंडलों के जोनल क्वार्डीनेटर घनश्याम चंद खरवार ने कहा कि यह सांसद को तय करना है कि चुनाव में वह अपनी कौन सी भूमिका अदा करते हैं। पार्टी का एक निश्चित दायरा है, सभी को उसके अंदर रहकर ही काम करना होगा।
पिता का विरोध और चचेरे भाई का करना पड़ सकता है प्रचार: राजनीतिक परिस्थितियां इस कदर उलझी हैं कि पार्टी के निर्देश पर सांसद रितेश पांडेय को जहां अपने पिता का सियासी विरोध करना पड़ सकता है, वहीं चचेरे भाई के पक्ष में प्रचार भी करना होगा। इनके सगे चाचा और पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय के पुत्र अर्पित पांडेय कटेहरी विधानसभा सीट से बसपा से मैदान में हैं और वह पूरी मजबूती से डटे हुए हैं। ऐसे में पार्टी अपने सांसद को वहां प्रचार में जरूर उतारेगी।पार्टी का जो भी निर्देश होगा, उसे पूरी तरह अमल में लाया जाएगा। पिताजी दूसरी पार्टी में हैं, चुनाव में इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। राजनीतिक और पारिवारिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया जाएगा।
रितेश पांडेय, बसपा सांसद, अंबेडकरनगर

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ब्रेकिंग न्यूज:-

*एमपी-एमएलए कोर्ट जज पीके जयंत के परिवार के चार सदस्यों व गनर समेत सात मिले कोरोना पॉजिटिव,मचा हड़कम्प*

*सभी लोगो हुए आइसोलेट, कोरोना से बचाव को लेकर जारी निर्देशो का कर रह पालन

*सुलतानपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट जज पीके जयंत के परिवार के चार सदस्य,गनर व उनकी अदालत पर तैनात न्यायिक कर्मचारी समेत सात लोग कोरोना पॉजिटिव। जज पीके जयंत की माँ, पत्नी,दो पुत्र,उनका गनर,एक सुरक्षा कर्मी व उनकी कोर्ट पर तैनात एक न्यायिक कर्मी मिले कोरोना पॉजिटिव। फिलहाल सभी लोगो पर सामान्य बताया जा रहा कोरोना का लक्षण। स्पेशल जज पीके जयंत जांच में मिले कोरोना निगेटिव। सभी लोगो ने स्वयं को घर मे किया आइसोलेट। दो दिन पूर्व भी जिला न्यायालय में तैनात एक महिला कर्मी मिली थी कोरोना पॉजिटिव, नतीजतन सीएमओ की रिपोर्ट मिलने पर शनिवार को बंद कर दिया गया था कोर्ट। लगातार जिला न्यायालय में तैनात न्यायिक अधिकारियों अथवा न्यायिक कर्मियों का कोरोना पॉजिटिव होने का सिलसिला जारी,मचा हड़कम्प।*

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अंबेडकरनगर। सपा के लिए जिले में टिकट बांटने से ज्यादा असंतुुष्टों को मनाने की चुनौती है। अभी तक जो संकेत हैं, उनमें बसपा से आए नेताओं को ही पांच में से चार सीट पर टिकट मिलना तय माना जा रहा है।टांडा सीट गठबंधन के खाते में जाने के आसार हैं। ऐसे में प्रत्येक सीट पर पार्टी के दावेदारों व उनके समर्थकों के बीच जो स्वाभाविक नाराजगी व असंतुष्टि सामने आने वाली है, उसे खत्म करने के लिए पार्टी को एड़ी चोटी का जोर समय रहते लगाना होगा। ऐसा न हुआ, तो नाराजगी का असर पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है।

वर्ष 2017 के आम चुनाव में पांच सीटों में से सपा को जिले की एक भी सीट पर कामयाबी हासिल नहीं हुई थी। हालांकि जलालपुर सीट पर हुए उप चुनाव में जरूर बाद मैं सपा प्रत्याशी सुभाष राय को विजय मिली थी। अब मौजूदा विधानसभा चुनाव में सपा ने सभी पांच सीटों पर जीत तय करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। बीते विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद से मौजूदा विधानसभा चुनाव का दौर शुरू होने से ठीक पहले तक चार सीटों पर बसपा के जिन कद्दावर नेताओं का राज माना जाता था, वे अब सपा में शामिल हो गए हैं।
इनमें अकबरपुर विधायक रामअचल राजभर, कटेहरी विधायक लालजी वर्मा, जलालपुर के पूर्व विधायक राकेश पांडेय व आलापुर के पूर्व विधायक त्रिभुवनदत्त शामिल हैं। पार्टी ने इन सभी नेताओं को संबंधित सीट पर टिकट देने के संकेत दे दिए हैं। टांडा की सीट गठबंधन के खाते में जाने की प्रबल संभावना है। ऐसे में सभी पांच सीटों पर सपा के जो नेता पिछले पांच वर्ष से तैयारी कर रहे थे, उन्हें करारा झटका लगने की संभावना है।
सपा ने फिलहाल अभी किसी भी सीट पर अधिकृत रूप से कोई घोषणा नहीं की है, इसलिए दावेदारों की उम्मीद बनी हुई है। यह बात अलग है कि पुराने दावेदारों को भी पता है कि पार्टी ने सभी सीटों पर प्रत्याशियों का जो नाम तय किया है, उसमें उनका नाम नहीं है। ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि पार्टी जब प्रत्याशियों का नाम घोषित करेगी, तो पुराने दावेदारों की नाराजगी व असंतुष्टि स्वाभाविक तौर पर सामने आना तय है। ऐसे में यह समझा जा सकता है कि सपा के लिए इस बार टिकट घोषित करने से ज्यादा चुनौती असंतुष्टों को साधने की है।
यह हैं सपा के सीटवार दावेदार
अकबरपुर सीट पर बसपा से सपा में आए मौजूदा विधायक रामअचल राजभर के अलावा पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा, वरिष्ठ नेत्री विद्यावती राजभर, जलालपुर सीट पर बसपा से सपा में आए पूर्व सांसद राकेश पांडेय के अलावा मौजूदा विधायक सुभाषराय, लोहिया से अखिलेश अभियान के संयोजक सिद्धार्थ मिश्र, वरिष्ठ सपा नेता अभिषेक सिंह, फूलचंद्र यादव दावेदार हैं। कटेहरी में बसपा से सपा में आए मौजूदा विधायक लालजी वर्मा, पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी, पूर्व विधायक जयशंकर पांडेय के पुत्र दीपू पांडैय, सपा नेता शेषकुमार वर्मा, टांडा में पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, पूर्व मंत्री अहमद हसन कै पुत्र हामिद हसन, दिवंगत पूर्व विधायक अजीमुलहक पहलवान कै पुत्र मुसाब, किछौछा नगर पंचायत अध्यक्ष के पति गौस अशरफ, जिला महासचिव मुजीब सोनू व सपा नेता राकेश यादव तथा आलापुर विधानसभा सीट पर बसपा से सपा में आए पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त के अलावा पूर्व विधायक कुंवर अरुण, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलिराम गौतम, पूर्व विस प्रत्याशी संगीता कनौजिया, सुनीता सोनकर दावेदार हैं।
पार्टी नेतृत्व का निर्णय होगा मान्य
विधानसभा चुनाव में सभी का लक्ष्य मौजूदा सरकार को बदलना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह हम सभी को मान्य होगा। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता यह समझता है कि यह चुनाव आम चुनाव नहीं है। इसमें किसी को भी कोई त्याग करने की जरूरत पड़ेगी, तो वह सहर्ष करेगा। पार्टी नेतृत्व उस त्याग का पूरा सम्मान करेगा।
-रामसकल यादव, सपा जिलाध्यक्ष

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अंबेडकरनगर। जिले में यूरिया खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। रबी फसल के लिए अब तक प्रस्तावित लक्ष्य 30 हजार 692 मीट्रिक टन यूरिया के सापेक्ष 29 हजार 429 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध हो चुकी है।यह लक्ष्य के सापेक्ष करीब 96 प्रतिशत है। गत वर्ष की उपलब्धता इस अवधि तक 24 हजार 499 मीट्रिक टन ही थी। ऐसे में जिले को इस बार इस अवधि में करीब 20 प्रतिशत अधिक यूरिया उपलब्ध हुई है।

जिले की साधन सहकारी समितियों पर यूरिया को लेकर पहुंच रही भीड़ को देखते हुए कृषि अधिकारियों ने कहा है कि जिले में खाद का कोई संकट नहीं है। किसान कतई भंडारण करने या जरूरत से अधिक खाद लेने की तरफ ध्यान केंद्रित न करें। इस बीच अब जिला कृषि कार्यालय ने रबी फसल 2021-22 में उपलब्ध यूरिया खाद का विवरण उपलब्ध कराया है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय का दावा है कि जिले में यूरिया की कहीं कोई कमी नही है। समितियों पर मांग के अनुसार तत्परता के साथ खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है। बताया कि रबी फसल के लिए जनवरी तक जिले को प्रस्तावित लक्ष्य 30 हजार 692 एमटी यूरिया में से 15 जनवरी तक 29 हजार 429 एमटी खाद मिल चुकी है। यह लक्ष्य का करीब 96 प्रतिशत है।
मौजूदा समय में जिले के पास 3737 एमटी यूरिया स्टॉक में उपलब्ध है। बताया कि जिला प्रबंधक पीसीएफ को अवगत कराया गया है कि इफको की 1600 एमटी यूरिया अयोध्या रैक प्वाइंट पर प्राप्त हो गई है। उसकी आपूर्ति जिले की साधन सहकारी समितियों पर कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने किसानों को भागदौड़ करने से बचने की सलाह दी। कहा कि जल्द ही सभी समितियों पर यूरिया का पर्याप्त स्टॉक पहुंच जाएगा।

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ठण्ड से लोगो का बुरा हाल


सुल्तानपुर 16 जनवरी। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठण्ड से हर तबका परेशान हो उठा है। सर्द हवाएं लोगों के शरीर में काँटे की तरह चुभ रही है। दोपहर के समय हल्की धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन गलन जस की तस बनी रही।शहरी क्षेत्र हो अथवा ग्रामीण हर जगह लोग ठण्ड से बचने की जुगत में लगे रहे। कोई आग जलाकर ठण्ड से बचने का प्रयास कर रहा था तो कोई इलेक्ट्रॉनिक हीटर से। ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोग दिनभर आग के सहारे बैठे देखे गये। ठंड ऐसी की हर तबका बेहाल हो उठा है।

सुबह के समय जिला मुख्यालय के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जहां लोग की भीड़ लगी रहती थी वहाँ इक्का दुक्का लोग ही नजर आ रहे थे। सुबह के समय परिवहन निगम की बस व निजी बसों में सवारियां की संख्या कम थी। ठण्ड से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों व बच्चों को हो रही है। यही नही लोगो के दैनिक कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। यदि ठण्ड कुछ दिनों तक ऐसे ही बनी रही तो लोगो की परेशानियां और बढ़ेगी।

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*चीनी मिल ने गन्ना किसानों का 118 .60 करोड़ के गन्ने का किया भुगतान*


अम्बेडकरनगर। अकबरपुर चीनी मिल मिझौरा अब तक किसानों को गन्ना खरीद के बाद तेजी से 118 करोड़ 60 लाख रुपए भुगतान कर दिए हैं। गन्ना खरीद के कुल लक्ष्य 90 लाख कुंटल के सापेक्ष अब तक चीनी मिल ने 36.54 लाख कुंतल गन्ने की खरीद भी कर ली है। मिल का कहना है कि भुगतान के मामले में अन्य जनपदों के अपेक्षा भी जिला अग्रणी है।
चीनी मिल प्रमुख केके बाजपेई ने बताया कि जिले में इस बार गन्ने की खरीदी तेजी से की जा रही है। अब तक 44 हजार किसानों ने अपने गन्ने को बेचा है, जिसमें 42630 किसानों को 118 करोड़ 61 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मिल की तरफ से जो दावे पूर्व में किए गए थे उस पर खरा उतरते हुए किसानों को भुगतान में किसी तरह का विलंब नहीं किया जा रहा है। बताया कि मिल का प्रयास है कि समय रहते वित्तीय वर्ष 2021-22 में जो लक्ष्य है 90 लाख कुंटल गन्ने की खरीद का उसे समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। जिसे कोई भी किसान गन्ना बेचने से वंचित न रहने पाए।

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*युवक की हत्या में लड़की समेत तीन गिरफ्तार*


जलालपुर। जैतपुर थाना क्षेत्र के सेहरी गांव में दो दिन पूर्व मिले नर कंकाल/सड़ी गली लाश के मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है। युवक की मौत का कारण आशनाई बताया जा रहा है।
बीते 13 जनवरी को सेहरी गांव के निकट नदी के किनारे एक झाड़ी में महीनों से गायब 25 वर्षीय युवक का नर कंकाल मिला था। मृतक युवक की मां प्रेमा देवी ने पहचान पर अरविंद पाल के रूप में युवक की शिनाख्त हुई थी। पुलिस ने विपुल पुत्र राम सागर, कुलदीप पुत्र राम स्वारथ और रीमा पुत्री शिवकुमार निवासीगण महमदपुर थाना जैतपुर के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक युवक अरविंद पाल लड़की भगाने के मामले में आरोपी था, जिसके ऊपर मुकदमा भी पंजीकृत था और उसकी छानबीन हो रही थी। युवक की हत्या में तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

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*परीक्षा केंद्रों को लेकर 85 आपत्तियां दर्ज*


अंबेडकरनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए 111 परीक्षा केंद्रों के लिए कुल 85 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है कि वे आपत्तियों का सत्यापन 18 जनवरी तक पूरा कर लें तथा इसकी रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को दें। 19 जनवरी को सभी आपत्तियां माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कराई जाएंगी। इसके बाद आपत्तियों का निस्तारण माध्यमिक शिक्षा बोर्ड करेगा। उधर, जिन 111 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उनमें एक कॉलेज ने लिखित डीआईओएस कार्यालय को दिया है कि उसके कॉलेज को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए।यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जरूरी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में बीते दिनों ही जिले में 111 परीक्षा केंद्रों की सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रकाशित की गई थी। साथ ही निर्देशित किया गया था कि 13 जनवरी तक परीक्षा केंद्र को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। डीआईओएस कार्यालय के लिपिक राजेश ने बताया कि 13 जनवरी तक कुल 85 आपत्तियां दर्ज कराईं गईं। इनमें किसी को परीक्षा केंद्र दूर बनाए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई, तो किसी की ओर से परीक्षा केंद्र पर समुचित व्यवस्था न होने की शिकायत दर्ज कराई गई।बताया कि आपत्तियां दर्ज होने के बाद अब संबंधित तहसील क्षेत्र के जिम्मेदारों को पत्र भेजकर आपत्तियों का सत्यापन करने को कहा गया है। 18 जनवरी तक आपत्तियों का सत्यापन कार्य पूरा कर रिपोर्ट डीआईओएस कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। बताया कि सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद 19 जनवरी को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर सभी आपत्तियों को अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपने स्तर से इनके निस्तारण के लिए जरूरी दिशा निर्देश देगा।
न बनाया जाए परीक्षा केंद्र
डीआईओएस कार्यालय के लिपिक राजेश ने बताया कि बीते दिनों परीक्षा केंद्रों की सूची के प्रकाशन के बाद टांडा तहसील स्थित नूरे हक गर्ल्स इंटर कॉलेज ने डीआईओएस कार्यालय को पत्र भेजकर कहा है कि उनके कॉलेज को परीक्षा केंद्र न बनाया जाए। बताया कि कॉलेज प्रशासन के पत्र को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
शीघ्र होगा आपत्तियों का निस्तारण
13 जनवरी तक आपत्तियां मांगी गई थीं। कुल 85 आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। 18 जनवरी तक आपत्तियों के सत्यापन के बाद 19 जनवरी को माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। एक विद्यालय ने परीक्षा केंद्र न बनाए जाने के लिए कहा है। इसकी भी जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद को दी जाएगी।
-प्रवीण कुमार मिश्र, डीआईओएस

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*पाला बदल के सहारे मुकाबले में लौटने लगी बसपा*


अंबेडकरनगर। पंचायत चुनाव में लचर प्रदर्शन के बाद अब विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी फिर से मुकाबले में लौटती दिख रही है। इससे पहले कई कद्दावर नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद अपने गढ़ जनपद में पार्टी सिर्फ एक ब्लॉक में अपना प्रमुख बनवा पाई थी। जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए तो प्रत्याशी उतारने तक की स्थिति नहीं बन पाई। अब पाला बदल के बाद बसपा के लिए हालात चुनाव से पहले ही मैदान छोड़ देने जैसे नहीं रह गये हैं। पार्टी की तैयारी सभी पांच सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की है। हालांकि राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि पार्टी तीन सीटों पर ही लड़ाई को रोचक बनाने की स्थिति में है।29 सितंबर 1995 को अंबेडकरनगर जिला बनने के बाद से ही हर चुनाव में बसपा नेता ही जीतते रहे। मायावती ने भी जहांगीरगंज से विधानसभा सीट तथा अकबरपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। तब से अंबेडकरनगर जनपद समूचे प्रदेश में बसपा के गढ़ के तौर पर पहचाना जाने लगा। जिले में बसपा को लगने वाले झटकों के चलते आमतौर पर यह माना जाने लगा था कि आगामी विधानसभा चुनाव में बसपा किसी भी सीट पर मुकाबले में ही नहीं आ सकेगी। लेकिन स्थितियां तेजी से बदली हैं। दूसरे दलों से आए नेताओं के बूते पार्टी अब फिर से मुकाबले में खड़ी होती दिखने लगी है।कटेहरी से बसपा के टिकट पर विधायक बने लालजी वर्मा के सपा में शामिल होने के बाद अब यहां पूर्व विधायक पवन पांडेय के पुत्र प्रतीक पांडेय मैदान में हैं। अकबरपुर से बसपा के टिकट पर विधायक बने रामअचल राजभर के सपा में शामिल होने के बाद भाजपा छोड़कर आए पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रप्रकाश वर्मा ने बसपा के टिकट पर मैदान संभाल लिया है। इन दोनों क्षेत्रों पर बसपा ने पूरा फोकस कर दिया है। जलालपुर में भाजपा छोड़कर आए दिवंगत पूर्व विधायक शेरबहादुर सिंह के पुत्र राजेश सिंह बसपा के टिकट पर ताल ठोंक रहे हैं। पार्टी ने आलापुर से केडी गौतम तथा टांडा से मनोज वर्मा को टिकट दे रखा है। पार्टी जिले की सभी पांच सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का दावा कर रही है।
इन्होंने छोड़ा बसपा का साथ
वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पूरे जिले में बसपा के वरिष्ठ नेता माने जाने वाले आलापुर के पूर्व विधायक व पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त ने बसपा छोड़कर सपा की सदस्यता ले ली थी। उसी समय यह माना गया कि इसका असर न सिर्फ आलापुर सीट, वरन अकबरपुर, कटेहरी व जलालपुर समेत टांडा में भी देखने को मिलेगा। बीते दिनों विधानसभा चुनाव जब निकट आ रहे थे, तो अकबरपुर विधायक व बसपा में राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा चुके पूर्व मंत्री रामअचल राजभर, तो कटेहरी विधायक व बसपा के नेता विधानमंडल दल रहे लालजी वर्मा निकाले जाने के बाद सपा में शामिल हो गए। विधानसभा चुनाव की सक्रियता बढ़ने के बीच बसपा के टिकट पर सांसद बन चुके पूर्व विधायक राकेश पांडेय ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। नतीजा यह कि अलग-अलग सीट पर बसपा के जो कद्दावर नेता माने जाने थे, उनमें से ज्यादातर पार्टी छोड़ सपा के खेमे में आ गये।
कार्यकर्ताओं के दम पर है पार्टी
बहुजन समाज पार्टी की असली ताकत कार्यकर्ता व पार्टी प्रमुख बहन मायावती हैं। जनपद के प्रत्येक नागरिक को बसपा शासन में जिले को मिलीं उपलब्धियां, विकास कार्य तथा बेहतर कानून व्यवस्था का दौर याद है। नेताओं के आने-जाने सेे कोई फर्क नहीं पड़ता। बहन मायावती हमेशा कार्यकर्ताओं को महत्व देती हैं। आज भी एक-एक कार्यकर्ता व आम नागरिक बसपा के साथ खड़ा है। हम सभी पांच सीटों पर पूरे जोश व जीत के उद्देश्य से चुनाव लड़ेंगे। बसपा एक बार फिर से सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज करेगी।
-घनश्याम चंद्र खरवार, मुख्य सेक्टर कोऑर्डिनेटर बसपा

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अंबेडकरनगर। विधानसभा चुनाव में अकबरपुर सीट पर मचे घमासान को निपटाने में सपा को अंतत: कामयाबी मिलती दिख रही है। लंबे समय से बगावत की तमाम खबरों व पुरजोर अटकलों को खारिज करते हुए पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा ने गुरुवार को अमर उजाला से कहा कि वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं।मूल सीट से टिकट मांगना किसी भी पार्टी कार्यकर्ता व नेता का हक है। लेकिन पार्टी नेतृत्व जो बेहतर समझेगा, वह प्रत्येक निर्णय मुझे मान्य है। उनका यह बयान निश्चित रूप से पार्टी में बिखराव की आ शंका को लेकर बेचैन कार्यकर्ताओं व नेताओं के लिए राहत की खबर लेकर आया है। अब यह तय माना जा रहा है कि बसपा से सपा में आए अकबरपुर के मौजूदा विधायक पूर्व मंत्री रामअचल राजभर को सपा नेतृत्व अकबरपुर से चुनाव लड़ाएगा, जबकि पूर्व मंत्री राममूर्ति वर्मा आजमगढ़ की सगड़ी विधानसभा सीट से प्रत्याशी होंगे।

विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के पहले से ही अकबरपुर सीट पर टिकट को लेकर सपा में घमासान मचा हुआ है। दरअसल इस सीट से मौजूदा विधायक रामअचल राजभर सपा में शामिल हो गए हैं। वे वर्ष 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। कटेहरी से बसपा के टिकट पर चुने गए लालजी वर्मा के साथ ही रामअचल भी बीते दिनों सपा के साथ हो गए थे। इसके बाद से ही अकबरपुर में टिकट को लेकर सपा में रार मची हुई थी।
सिटिंग विधायक होने के चलते तथा बसपा में राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश अध्यक्ष जैसा बड़ा पद संभाल चुके रामअचल अकबरपुर सीट से अपनी दावेदारी जताते हुए सपा में शामिल हुए थे। उधर, 2012 में अकबरपुर से विधायक तथा तत्कालीन सपा सरकार में दुग्ध विकास मंत्री रहे राममूर्ति वर्मा ने भी अपनी दावेदारी बरकरार रखी। वे 2017 में रामअचल के हाथों पराजय के बाद से लगातार क्षेत्र में कार्य करते आ रहे थे। संगठन की मजबूती से लेकर कार्यकर्ताओं के बीच लगातार पैठ बनाए रखने के चलते उन्हें अपने टिकट को लेकर कोई खतरा नहीं था। पार्टी का बड़ा नेता होने के कारण वे दूसरों को टिकट दिलाने में दखल देते रहते थे। हालांकि रामअचल के सपा में शामिल होने के बाद से अचानक स्थितियां बदल गईं।
पूर्व मंत्री राममूर्ति ने अपना जनसंपर्क अभियान पहले की ही तरह जारी रखा। इससे टकराव की गूंज सुनाई पड़ने लगी। पूर्व मंत्री ने तो सीधे तौर पर कोई चुनौती नहीं दी, लेकिन कई कार्यकर्ता कहते दिखे कि अकबरपुर से राममूर्ति को टिकट न मिला तो बगावत संभव हो सकती है। समय बीतने के साथ दोनो खेमों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। एक-दूसरे के पोस्टर व बैनर से दोनों बड़े नेता गायब रहे। इन सबसे स्थितियां और खराब होती रहीं। समय के साथ ही राममूर्ति के कभी भाजपा में जाने तो कभी अपना दल के सहारे चुनाव लड़ने की अटकलें सामने आती रहीं। इन सबके बीच अब राममूर्ति ने पार्टी के लिए राहत वाली खबर दी है। गुरुवार को अमर उजाला से खास बातचीत में राममूर्ति ने कहा कि मैं पार्टी का वफादार सिपाही हूं। पार्टी नेतृत्व ने हल खोज लिया है। हम दोनों में से कोई एक अकबरपुर से चुनाव लड़ेगा, जबकि दूसरा जिले के बाहर किसी सीट से।
भाजपा से मेल नहीं खाती विचारधारा
पूर्व मंत्री राममूर्ति ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में जाने की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। मेरी विचारधारा ही भाजपा से मेल नहीं खाती। हम समाजवादी लोग हैं। काम करने और संघर्ष करने में विश्वास रखते हैं। मेरे पास तमाम दलों से ऑफर आए, लेकिन मुझे अपने नेतृत्व व अपने कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है और उन्हीं से पूरा लगाव है। मैं किसी और दल में नहीं जा रहा हूं। पार्टी नेतृत्व के संपर्क में हूं। उनकी ओर से मेरे व कार्यकर्ताओं के मान सम्मान का भरोसा दिलाया गया है। मैं प्रत्येक कार्यकर्ता का मान सम्मान सदैव बरकरार रखूंगा।
तय हुआ यह फार्मूला
सूत्रों के अनुसार अकबरपुर सीट से मौजूदा विधायक रामअचल राजभर को टिकट दिया जाएगा। जबकि राममूर्ति को पड़ोसी जनपद आजमगढ़ की सगड़ी सीट से चुनाव लड़ाया जाएगा। आजमगढ़ जनपद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का संसदीय क्षेत्र है। बताया जाता है कि अखिलेश ने राममूर्ति से कहा कि आप मेरे अत्यंत विश्वसनीय हैं। आप मेरे संसदीय क्षेत्र में मेरे साथ रहेंगे।

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*कड़वा सच पत्रकारिता करना आज-कल कोराना से भी ज्यादा दुश्वार है*


पत्रकार अपनी जिंदगी को खुद जान जोखिम में डाल करके सरकारी, मौजूदा शासन और जिला प्रशासन की आवाज जनता तक व जनता की आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचाने का काम कर रहे है। इसके साथ ही देश सहित राज्यो में फैला कोरोना वायरस जैसी भयंकर महामारी में पुलिस अधिकारियों व डाक्टरो सहित अस्पतालों में पूरी तरह से मुस्तैद खड़ा है। किन्तु जहाँ पत्रकारों की बात आती हैं। सरकार ,शासन ,प्रशासन नेता अभिनेता सब सौतेला व्यवहार करने लगते हैं.यहा तक सांसद ,विधायक ,नगरसेवक व धनाढ्य व्यक्तियों के एक फोन काल या मैसेज करने पर अपने बाल बच्चों को छोड़ कर उनके पास भागा चला जाता हैं तथा उनके हर कथन व कार्यो को बढ़ा चढ़ा कर उनको काला से सफेद बना देने पर भी आज वही लोगों ने पत्रकारों से मुंह मोड़ लिया हैं।कलम के सिपाही प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कार्यरत दर्जनों लोग आज शासन व प्रशासन के साथ कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं । उसके बावजूद भी कोई उनको‌ पूछने वाला नहीं है कि आपके वाहनों में डीजल और पेट्रोल कहां से आता है. आपके घर का खर्चा कैसे चलता है ?पत्रकार अपने परिवार को छोड़ कर शहर के हर छोटी बड़ी घटनाओं पर नजर बनाने के लिए दर बदर भटकता रहता हैं। नागरिकों को भोजन ,राशन योजनाओं का लाभ मिल रहा हैं कि नही ? शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं कि नहीं ? शासन ने आज नागरिकों के लिए क्या कहा.? आदि खबरों को एकत्रित कर शाम को खबरें बनाकर अखबार के कार्यालय में भेजता हैं तो सुबह इसकी जानकारी नागरिकों तक पहुंचती हैं।
पत्रकारिता धर्म हमें हर छोटी से बड़ी खबर हर सूरत में जनता तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी देता है। जिसके कारण सारे पत्रकार बंधु हर सूरत में अपना ये धर्म बख़ूबी निभा रहे है।पत्रकारिता आज चाटुकारिता व व्यवसाय बन गया हैं. नेता, अफसरशाही ने जो कह दिया हैं वही समाचार बनाकर जनता के सामने परोस दिया.खोजी पत्रकारिता का जमाना चला गया.जब एक कलमकार से पूरे शासन और जिला प्रशासन में घबराहट पैदा होती थी।प्रतिदिन पत्रकार का चोला पहनकर सुबह से शाम तक इसकी उसकी चाटुकारिता कर शाम ढलते ही मधुशाला में चला जाता हैं चाहे उसे क ख ग घ ड़ का ज्ञान हो या नहीं। किन्तु पूरा दिन पत्रकार का चोला धारण कर फिरता रहता हैं । ऐसे चोला धारण करने वाले कई व्यक्ति पीटे भी जाते है,किन्तु किसी को पता नहीं चलता हैं पीटने वाला व्यक्ति यही समझता हैं कि मैने पत्रकारिता करने वाले पत्रकार को पीटा है, अब मेरे से बड़ा गुंडा कौन हैं. समाज में ऐसे लोगों द्वारा पत्रकारों की खुब बदनामी की जाती हैं जिसके कारण पत्रकार का अस्तित्व लोगों की नजर में गिर जाता हैं.।बिना बुलाऐ दर्जनों पत्रकार नेताओं अभिनेताओं ,शासन ओर जिला- प्रशासन के
एक बुलावे पर पत्रकार मौके बैमोके पहुँच जाते है. जिसे क ख ग घ ड़ तक ज्ञान नहीं होता वही सवाल पहले दागता हैं तो सामने वाला समझ जाता हैं सब पत्रकार कम ओर बेवकूफ ज्यादा लगता है।कुछ होशियार पत्रकारों ने अपनी सुरक्षा के लिए पत्रकार संघ बना कर रखा हैं इनके पत्रकार संघों में पत्रकार का चोला धारण करने वाले सदस्य होते है। पत्रकार संघ बनाने वाला शहर में घूम घूम कर कहता हैं कि मै पत्रकारों का अध्यक्ष हूं मेरे पास में जिले के सभी पत्रकार हैं। अधिकारियों नेताओं के यहाँ अपना उल्लू सीधाकर निकल जाता हैं।

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*विशेष लोक अदालत 22 को, बिना केस वैवाहिक विवाद का होगा निस्तारण*


अंबेडकरनगर

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 22 जनवरी को पुरानी कचेहरी परिसर स्थित पारिवारिक न्यायालय, अम्बेडकरनगर में श्री अनमोल पाल, माननीय प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, अम्बेडकरनगर एवं श्रीमती पूजा विश्वकर्मा, माननीय अपर प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, अम्बेडकरनगर की अध्यक्षता में गठित पीठ, जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर द्वारा संचालित मध्यस्थता केन्द्र के 02 अधिवक्ता मध्यस्थ सदस्य श्रीमती सुनीता तिवारी एवं श्रीमती सुमन गौड़ शामिल हैं द्वारा महिला थाना अम्बेडकरनगर एवं महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्राप्त कुल 60 वैवाहिक विवादों से सम्बन्धित पत्रावलियों में से 30 पत्रावलियों पर वादी एवं विपक्षी के मध्य सुलह वार्ता का प्रयास किया जायेगा।

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*कोरोना की तीसरी लहर का आहट के बीच व्यवस्थाओं का परखने अस्पताल पहुंचे आयुक्त*


अम्बेडकरनगर 
कोविड-19 की तीसरी लहर के दौरान चिकित्सीय सेवा की तैयारियों का जायजा लेने टाण्डा पहुँचे नवागत कमिश्नर ने एमसीएच कोविड एल टू विंग टाण्डा व महामाया मेडिकल कालेज के निरीक्षण किया।
मंडलायुक्त व जनपद के नोडल अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन, पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, मुख्य विकास अधिकारी घनश्याम मीणा, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार कनौजिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्रीकांत शर्मा की उपस्थिति में एमसीएच विंग टांडा कोविड-19 एल टू अस्पताल तथा महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड तथा पीसीयू वार्ड का निरीक्षण किया गया।
मंडलायुक्त द्वारा एमसीएच विंग एल 2 हॉस्पिटल में आई सी यू वार्ड, कोविड-19 कंट्रोल रूम, presumption कोविड वार्ड तथा लगाए गए गैस प्लांट का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं ठीक-ठाक पाई गई। निरीक्षण से पूर्व मंडलायुक्त को जवानों गार्ड ऑफ ऑनर सलामी दिया।
एमसीएच एल टू टाण्डा के बाद मंडलायुक्त का काफिला मेडिकल कॉलेज सदरपुर के वैक्सीनेशन कक्ष, ट्रायज एरिया कक्ष, पीआईसीयू वार्ड, पीडियाट्रिक्स वार्ड तथा कोविड-19 कंट्रोल रूम का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त द्वारा कोविड-19 कंट्रोल रूम से मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट कोविड-19 वार्ड में एडमिट राहुल से माइक द्वारा उनके स्वास्थ्य एवं वहां के सुविधाओ के बारे में पूछताछ किया गया।
मेडिकल कालेज में भर्ती मरीज राहुल द्वारा अवगत कराया गया कि हमें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं है तथा सभी सुविधाएं उपलब्ध हो रही है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी , उप जिलाधिकारी अकबरपुर मौके पर उपस्थित रहे।

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*बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहक ध्‍यान दें! चेक से पेमेंट के लिए 1 फरवरी से बदलने वाला है यह नियम*


अंबेडकरनगर
आरबीआई के निर्देशन पर बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 1 फरवरी से 10 लाख अथवा उसे ऊपर के चेकों पर पॉजिटिव पे सिस्टम आवश्यक कर दिया गया है। इस सिस्टम के माध्यम से यदि कोई खाताधारक 10 लाख अथवा उसे ऊपर के चेक किसी व्यक्ति अथवा कंपनी को देता है तो इसकी पूर्व सूचना बैंक शाखा में देना आवश्यक है, यह सूचना बैंक में एस.एम.एस के माध्यम से, मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से, नेट बैंकिंग के माध्यम से तथा शाखा में पत्र के माध्यम से दी जा सकती है। यदि कोई खाताधारक ऐसा नहीं करता है अथवा इसकी पूर्व सूचना बैंक को अवगत नहीं कराता है तो ऐसे में उसका चेक बाउंस हो जाएगा अथवा भुगतान नहीं किया जाएगा।
 समस्त खाताधारकों अनुरोध है कि 10 लाख अथवा उसे ऊपर के चेक काटने से पूर्व दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करें।

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[1/8, 4:36 PM] 2022 विधानसभा चुनावों का ऐलान-


UP में 7 चरणों मे चुनाव होगा-

प्रथम चरण-10 फरवरी

द्वितीय चरण-14 फरवरी

तृतीय चरण-20 फरवरी

चतुर्थ चरण-23 फरवरी

पांचवा चरण-27 फरवरी

छठा चरण-3 मार्च 

सातवां चरण-7 मार्च

10 मार्च को होगी मतगणना !!!
[1/8, 5:29 PM]  *पहले चरण का मतदान: शामली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ हापुड़, गाजियाबाद, बुलंदशहर, मथुरा आगरा और अलीगढ,*

*दूसरा चरण: सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर,*

*तीसरा चरण- कासगंज, हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झाँसी, ललितपुर,*

*चौथा चरण- पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, फतेहपुर, बांदा,*

*पांचवा चरण- श्रावस्ती, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट, प्रयागराज*

*छठां चरण- बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, आंबेडकर नगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया,*

*सातंवा चरण- आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, संत रविदास नगर, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र,।*

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[1/8, 7:02 PM]  *चुनाव अपडेट*


पहला चरण
नामांकन 21 जनवरी 
नाम वापसी 27 जनवरी
वोटिंग 10 फरवरी

दूसरा चरण
नामांकन 28 जनवरी 
नाम वापसी 31 जनवरी
वोटिंग 14 फरवरी

तीसरा चरण
नामांकन 1 फरवरी
नाम वापसी 4 फरवरी
वोटिंग 20 फरवरी
 
चौथा चरण
नामांकन 3 फरवरी
नाम वापसी 7 फरवरी
वोटिंग 23 फरवरी

पाँचवा चरण
नामांकन 8 फरवरी
नाम वापसी 11 फरवरी
वोटिंग 27 फरवरी

छठा चरण
नामांकन 11 फरवरी
नाम वापसी 15 फरवरी
वोटिंग 3 मार्च

सातवाँ चरण
नामांकन 17 फरवरी
नाम वापसी 21 फरवरी
वोटिंग 7 मार्च
[1/8, 7:02 PM]  ब्रेकिंग

अयोध्या।
*प्रदेश में आचार संहिता लागू होते ही हरकत में आया नगर निगम।*

शहर से होर्डिंग्स बैनर हटाने का काम शुरू। नगर निगम की लापरवाही। एंबुलेंस शव वाहन का होर्डिंग्स हटाने में किया गया प्रयोग। कैमरा चलने के बाद नगर निगम कर्मियों ने दी सफाई। नगर निगम का वाहन ना होने के कारण इमरजेंसी में लाई गई एंबुलेंस शव वाहन।
[1/8, 7:02 PM] यूपी समेत पांच राज्यों में आचार संहिता लागू।
 सुशील चंद्रा मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा
चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जा चुकी है, 690 विधानसभा में डाले जाएंगे वोट,कोरोना में चुनाव कराने की सुरक्षित तैयारी, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा तथा मणिपुर में होंगे चुनाव,
18.3 करोड़ मतदाता चुनाव में करेंगे मतदान,
कोरोना न्यू मो के अनुसार होंगे चुनाव,
मतदान सूची में युवाओं की संख्या बढ़ी,
 8.55 करोड़ महिला मतदाता होंगी
24.9, लाख वोटर बढे
दो लाख 15 हजार 376 मतदान केंद्र बनेंगे
 हर बूथ पर 1250 मतदाता वोट डाल सकेंगे
 हर विधानसभा में 1 पोलिंग बूथ महिलाओं का
उम्मीदवार कर सकेंगे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
चुनाव आयुक्त ने कहा कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि उम्मीदवार चुनाव में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे
 दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर की भी व्यवस्था की जाएगी. साथ ही कोविड संक्रमित व्यक्तियों के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी. वहीं बैटल पेपर के जरिए वोटिंग की व्यवस्था होगी.
 कोरोना पॉजीटिव लोग भी कर सकेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग
#Election2022
 क्रिमिनल केस वाले प्रत्याशी को कैम्पेन के दौरान 3 बार अपने ऊपर पेंडिंग मामलों को समाचार पत्रों में।पब्लिश कराना होगा। पार्टी को भी बताना होगा कि पेंडिंग क्रिमिनल केस प्रत्याशी को क्यों टिकट दिया- CEC
[1/8, 7:03 PM] *यूपी चुनाव की जिलेवारअपडेट*👇🏻

*पहला चरणः* 10 फरवरी 2022
उत्तर प्रदेश में पहले चरण में 15 जिलों की 73 सीटों पर चुनाव होंगे.
जिलेः शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा और कासगंज.
 

*दूसरा चरणः* 14 फरवरी 2022
दूसरे चरण में 11 जिलों के 67 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे.
जिलेः सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, पीलीभीत, खेरी, शाहजहांपुर और बदायूं.

*तीसरा चरणः* 20 फरवरी 2022
12 जिलों के 69 विधानसभा क्षेत्रों में तीसरे चरण के दौरान चुनाव होंगे.
जिलेः फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर.


*चौथा चरणः* 23 फरवरी 2022
12 जिलों के 53 विधानसभा क्षेत्रों में चौथे चरण के दौरान चुनाव होंगे.
जिलेः प्रतापगढ़, कौशांबी, इलाहाबाद, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, रायबरेली और चित्रकूट.

*पांचवां चरणः* 27 फरवरी 2022
52 विधानसभा क्षेत्रों में पांचवे चरण के दौरान 11 जिलों में चुनाव होंगे.
जिलेः बलरामपुर, गोंडा, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीर नगर, अमेठी और सुल्तानपुर.

*छठा चरणः* 03 मार्च 2022
सात जिलों की 49 विधानसभा क्षेत्रों में पांचवे चरण के दौरान मतदान संपन्न होंगे.
जिलेः महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ और बलिया.

*सातवां चरणः* 07 मार्च 2022
7 जिलों की 40 विधानसभा क्षेत्रों में पांचवे चरण में चुनाव होंगे.
जिलेः गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्रा और जौनपुर.
[1/8, 7:05 PM] : ब्रेकिंग




अयोध्या।
आचार संहिता लगने की पूर्व तीन एसडीएम के कार्यक्षेत्र में फेरबदल। डीएम नीतीश कुमार ने किया फेरबदल। सोहावल एसडीएम रही जयजीत कौर मिश्रा बनी एसडीएम सदर न्यायिक।राम कुमार शुक्ला बने एसडीएम सदर।अनुराग प्रसाद बने एसडीएम सोहावल।संदीप श्रीवास्तव बने एसडीएम बीकापुर
[1/8, 7:08 PM]  पांचवें चरण में 27 फरवरी को सुल्तानपुर में होगा विधानसभा चुनाव
[1/8, 7:11 PM] *विशेष सूचना*

*ग्रुप के सभी सदस्यों से निवेदन है कि आचार संहिता लग चुकी है जिसके चलते ग्रुप में किसी प्रकार की राजनीतिक पोस्ट,या भड़काऊ पोस्ट न डाले अन्यथा शेयर किए हुए व्यकित के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो सकती है*

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