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जिला मजिस्ट्रेट श्री चैतन्य ने संपूर्ण दमोह जिले की सीमा में लोक स्वास्थ्य कोध्यान में रखते हुए लागू की निषेधाज्ञा

 दमोह। जिला मजिस्ट्रेट, एस. कृष्ण चैतन्य ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये संपूर्ण दमोह जिले की सीमा में लोक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुये आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

आदेश का उल्लंघन/चूक करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के तहत कार्यवाही भी की जावेगी। जारी आदेशानुसार यह आदेश तत्काल लागू होगा, तथा इस न्यायालय द्वारा जारी आदेश क्रमांक 3793 दिनांक 07 अक्टूबर 2021 से लगाये गये प्रतिबंध यथावत रहेंगे, केवल Crackers with reduced emission (Improved Crackers) तथा Green crackers पटाखों के ही निर्माण, भण्डारण, परिवहन, विक्रय एवं उपयोग की अनुमति रहेगी। यह पटाखे एवं गतिविधियां प्रतिबंधिंत रहेंगी उन्होंने कहा है पटाखे जिनके निर्माण में Barium Salt का उपयोग किया गया हो, लड़ी (जुडे हुये पटाखे/ Series firecrakers) में बने पटाखे। पटाखे जिनकी तीव्रता विस्फोटक स्थल से 4 मीटर की दूरी पर 125 Decibel से अधिक न हो। पटाखे जिनके निर्माण में Antimony, Lithium, mercury, Arsenic, Lead, Strontium chromate का उपयोग किया गया हो। पटाखों का ई-कामर्स कंपनियों अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाईन विक्रय तथा गैर लायसेंसी विक्रय, घोषित शांति क्षेत्र (Notified Silent Zone) के भीतर 100 मीटर दूरी तक तथा रात्रि 08 बजे से पहले तथा 10 बजे के बाद पटाखे चलाना प्रतिबंधित रहेगा। जारी निर्देशानुसार समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), समस्त थाना प्रभारी समस्त, नगरपालिका परिषद/नगर पंचायत संयुक्त दल अपने-अपने क्षेत्र के आतिशबाजी दुकानों, निर्माण स्थलों, भण्डारणों स्थलों इत्यादि का निरीक्षण करेंगे व उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के निर्णय आदेश का अक्षरतः पालन करना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश दमोह जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा के अंतर्गत जनसामान्य के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जारी किया जा रहा है, जिसको जिले में निवासरत् प्रत्येक नागरिक को व्यक्तिशः तामील कराया जाना संभव नहीं होने से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया जाता है तथा सार्वजनिक माध्यमों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, समाचार पत्रों के माध्यम से यह आदेश सर्व साधारण को अवगत कराया जा रहा है।

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