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उज्जैन में 11 और संक्रमित मिले, पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 195 हुई अब तक 40 लोगों की मौत

उज्जैन। कोरोना का संक्रमण अब नए शहर के नानाखेड़ाए नागेश्वर धाम कॉलोनीए सांदीपनि नगर ढांचा भवन सहित पांच नए क्षेत्र में पहुंच गया है। बुधवार को आई रिपोर्ट में 11 नए पॉजिटिव मरीज मिले। जिले में अब तक 195 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 40 की मौत हो गई है।  अब तक 57 लाेग काेराेना काे हराकर अपने घर लाैट चुके हैं। शहर में संक्रमित मरीज और मौतें तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन सैंपलिंग की रफ्तार काफी धीमी है। यहां तक कि कंटेनमेंट एरिया में ही जांच नहीं हो पा रही है। इसका एक ताजा उदाहरण नयापुरा की जैन कॉलोनी में नजर आया है।

जैन कॉलोनी में रहने वाले 60 वर्षीय व्यक्ति की 30 अप्रैल की दोपहर आरडी गार्डी हाॅस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। चार मई को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मृतक के घर बाहर व कॉलोनी में बैरिकेड्स लगाकर उसे कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित कर दिया। 
24 घंटे बीत जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम मृतक की मां, पत्नी व बेटी समेत दो नाती के सैंपल लेने के लिए नहीं पहुंची।  जब मीडियाकर्मियों ने इस सम्बंध में जिम्मेदारों से बात की तो रात में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम परिवार के सैंपल लेने पहुंची।


परिवार की अपील-.‘रिपोर्ट पॉजिटिव मिले तो गार्डी हाॅस्पिटल मत ले जाना’

पिता को खोने वाली युवती ने कहा कि, ‘29 अप्रैल को पिता को शुगर बढ़ने से तकलीफ हो रही थी। हमने एंबुलेंस को फोन लगाया। तीन घंटे बाद शाम को एंबुलेंस आई। मां पिताजी को सीएचएल हाॅस्पिटल लेकर गई। वहां उनकी सोनोग्राफी हुई। वहां से आरडी गार्डी हाॅस्पिटल भेजने काे कहा। उन्होंने एंबुलेंस में मां को बैठाया व रात 11 बजे गदापुलिया पर मां को उतारकर एंबुलेंस पिताजी को लेकर हाॅस्पिटल चली गई। मां पैदल घर आई व बताया कि तेरे पापा को आरडी गार्डी हाॅस्पिटल ले गए।’

मृतक की पुत्री ने बताया कि, ‘रात 12.30 बजे फोन किया तो वे बोले कि अभी ऑक्सीजन मास्क लगाया हुआ है। बाद में बात करूंगा। सुबह बोले कि हाॅस्पिटल वाले  ब्लड सैंपल ले गए हैं। दोपहर में पिता से दोबारा बात हुई तो वे बोले कि मुझे कोई आराम नहीं हुआ। रातभर भूखा रहा, दोपहर में पौने तीन बजे भोजन दिया। यहां कुछ भी ठीक नहीं लग रहा है। शाम पांच बजे पता चला पिताजी की डेथ हो गई। मेरे साथ मां-दादी व मेरे दो बच्चे हैं। प्रशासन हमारे सैंपल लेकर जांच रिपोर्ट बताए। हम भी अगर संक्रमित हैं, तो घर आकर गोली मार दें लेकिन अब हम किसी भी हालत में आरडी गार्डी हाॅस्पिटल नहीं जाएंगे।’


पड़ोसी बोले- ‘हम चाहकर भी हेल्प नहीं कर पा रहे’

जैन कॉलोनी में रहने वाले राजेश जैन समेत अन्य लोगों ने बताया कि, ‘यहां 70 परिवार रहते हैं। पुलिस मृतक के घर वालों की जानकारी लेकर चली गई। निगम वाले सिर्फ पानी से सड़क धोकर चले गए। कॉलोनी के लोग दहशत में हैं कि संबंधित फैमिली की जांच से स्थिति तो साफ हो ताकि आसपास के लोग रिलीफ महसूस कर पीड़ित फैमिली की हेल्प तो कर सकें।’

 

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