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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 कानून बनाने के बाद से अब तक का हाल

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को लागू करने के उपरांत लगातार इसको कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

केंद्र सरकार/राज्य सरकारों ने कानून तो लागू कर दिया किंतु ज्यादातर राज्यों में सूचना आयुक्तों की कमी कुछ राज्यों में तो एकभी सूचना आयुक्त नहीं, जबकि धारा 4 देश के आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

इसी क्रम में टी.आर.एस.कालेज रीवा. म.प्र में धारा 4 के प्रकटीकरण का निरिक्षण कार्य धारा 2(जे)1 के तहत किया गया, जिसमें 17 बिंदुओं की जानकारी अधूरी पाई गई।

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