कार्तिक मास्टर, सुनील सिंह और शिवचंद्र राम की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा
बिहार: कार्तिक मास्टर, सुनील सिंह और शिवचंद्र राम की राजनीतिक स्थिति पर हालिया घटनाओं का विश्लेषण किया गया है। कार्तिक मास्टर, जो मंत्री रह चुके हैं, विपक्ष के बढ़ते दबाव के कारण आलाकमान के निर्देश पर एक मिनट में इस्तीफा दे चुके हैं। इस दौरान उन्होंने कोई आंसू या रोना नहीं दिखाया।
सुनील सिंह की महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका का उल्लेख किया गया है, जहां यह कहा गया कि यदि वे राजद का दामन छोड़ते या विरोध करते तो वे अभी भी बिस्कोमान के अध्यक्ष होते और ईडी-सीबीआई की जांच से बच सकते थे। बावजूद इसके, सुनील सिंह ने कभी भावुकता नहीं दिखाई। शिवचंद्र राम को राजद की तरफ से लोकसभा चुनाव में टिकट मिला, पर वे रविदास समाज के प्रति अन्याय की बात करते हैं, जबकि हाजीपुर में रविदास समाज ने चिराग पासवान को भारी मतों से समर्थन दिया। इसके अलावा, रामगढ़ विधानसभा सीट पर रविदास बहुलता के बावजूद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की हार और शिवचंद्र राम की असफलता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
राजद और यादव समाज के नेताओं की वर्तमान स्थिति को सुधार की दिशा में बताया गया है, साथ ही सामाजिक न्याय के मुद्दों पर विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं।