*मेडिकल कॉलेज के पास सड़क को तरस रहा भकूआर गांव, भू-माफियाओं के आगे बेबस प्रशासन?*
न्यूज नेटवर्क
राम कुमार गुप्ता सिंगरौली
(एआईएमए मीडिया)
राम कुमार गुप्ता सिंगरौली
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सिंगरौली। जिले के बहुचर्चित मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित भकूआर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। नगर निगम के वार्ड क्रमांक 45, पटवारी हल्का नंबर 10 में आने वाले इस गांव के दर्जनों परिवार सड़क के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर अतिक्रमण और भू-माफियाओं की सक्रियता के कारण सड़क निर्माण नहीं हो पा रहा, लेकिन प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है।
*वार्ड 45 में विकास की खुली पोल! सड़क नहीं, बरसात में खाट पर ढोए जाते हैं मरीज*
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। कीचड़ और दुर्गम रास्तों के कारण गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते। किसी के बीमार होने या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की स्थिति में लोगों को मरीजों को खाट और चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के नजदीक बसे गांव की यह स्थिति सरकार और प्रशासन के विकास दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
*पटवारी-तहसीलदार पर ग्रामीणों का आरोप, रास्ते पर कब्जा और अधिकारी मौन*
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पटवारी, तहसीलदार और राजस्व विभाग ने समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गांव के लोगों का कहना है कि रास्ते पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने और सड़क का मार्ग सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राजस्व अमले की है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें फाइलों तक सीमित रह गई हैं और जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिख रहा।
*विधायक जी जवाब दें! मेडिकल कॉलेज के साए में बसे गांव तक आज भी नहीं पहुंची सड़क*
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन आज भी गांव सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। एक ग्रामीण ने वीडियो जारी कर अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज के पास बसे भकूआर गांव की यह बदहाली कब खत्म होगी? क्या जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और जनप्रतिनिधि ग्रामीणों की इस पीड़ा को सुनेंगे या फिर विकास के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे?
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