भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 5 पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी, 17.98 लाख रुपये की होगी वसूली
रायपुर। शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच पूर्व सरपंचों के खिलाफ जेल वारंट जारी किया है। साथ ही उनसे कुल 17 लाख 98 हजार रुपये की वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार,
विभिन्न ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के लिए जारी राशि के उपयोग में अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के दौरान संबंधित पूर्व सरपंचों पर सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के आरोप प्रमाणित पाए गए।
प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने दोषी पाए गए पूर्व सरपंचों के विरुद्ध रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की। निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर उनके खिलाफ जेल वारंट जारी किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों से नियमानुसार राशि की वसूली की जाएगी और आवश्यक होने पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की चर्चा तेज है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इन पूर्व सरपंचों के खिलाफ जारी हुआ वारंट
न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन पूर्व सरपंचों से शासकीय राशि की वसूली की जानी है—
खेलूराम साहू, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत बनरसी (आरंग) – 6 लाख 76 हजार 700 रुपए
कुंती कुर्रे (पति बालकुमार कुर्रे), पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत अमेठी (आरंग) – 4 लाख 42 हजार रुपए
धरमदास टंडन, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत अकोलीखुर्द (आरंग) – 3 लाख 20 हजार रुपए
दिनेश कोसरिया, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत गुमा (खरोरा) – 2 लाख 82 हजार रुपए
दामिनी, पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत भंडारपुरी (खरोरा) – 80 हजार रुपए