बीबीए परिणाम विवाद पर झुकी महिला विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं की होगी दोबारा जांच
जमशेदपुर: जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने बीबीए पांचवें सेमेस्टर के परिणाम को लेकर छात्रों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। शुक्रवार को सिदगोड़ा परिसर में छात्रों के प्रदर्शन और विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित कर मामले की समीक्षा करने की घोषणा की।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों और आजसू कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कई छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के बावजूद असफल घोषित कर दिया गया है। इस दौरान परिसर में नारेबाजी हुई और छात्र नेताओं व कुलपति के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
छात्र नेता दीपक पांडेय ने बताया कि बीबीए पांचवें सेमेस्टर में लगभग 150 विद्यार्थी हैं, जिनमें से करीब 60 छात्रों को असफल घोषित किया गया है। उनका कहना है कि कई विद्यार्थियों ने 20 से 30 पन्नों तक उत्तर लिखे थे, फिर भी परिणाम उम्मीद के विपरीत आया।
छात्रों ने मांग की कि उत्तरपुस्तिकाओं की निष्पक्ष जांच कर योग्य छात्रों को न्याय दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रीष्मावकाश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही राज्यपाल से मिलकर लिखित शिकायत सौंपने की भी बात कही गई है।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. एला कुमार ने कहा कि छात्रों की मांग को स्वीकार करते हुए उत्तरपुस्तिकाओं की स्क्रूटनी कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित शैक्षणिक प्रक्रिया है और विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा।