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डांगरी की बेटी ने रचा इतिहास, असम की पहली महिला फायर इंजीनियर बनी

सैखोवाघाट:-असम के डांगरी क्षेत्र की एक बेटी ने राज्य का नाम रोशन किया है। डांगरी निवासी श्रीमती बंती हैंडिक और श्री जीतुल सोनोवाल की पुत्री शिवांगी सोनोवाल प्रतिष्ठित नेशनल फायर सर्विस कॉलेज (NFSC), नागपुर में प्रवेश पाने वाली तथा वहां से उत्तीर्ण होने वाली असम की पहली महिला बनी हैं। शिवांगी ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन आने वाले इस संस्थान से फायर इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री प्राप्त की है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पाठ्यक्रम अत्यंत प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण माना जाता है तथा इसमें अब तक बहुत कम महिलाओं ने प्रवेश पाया है। चार साल के कड़े शैक्षणिक प्रशिक्षण, तकनीकी सीख और शारीरिक सहनशक्ति के बाद, 29 मई को आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान उन्हें आधिकारिक तौर पर एक फायर इंजीनियर के रूप में मान्यता दी गई। सूत्रों के अनुसार, वह इस संस्थान में यह गौरव हासिल करने वाली पहली असमिया छात्रा हैं। इस युवा महिला इंजीनियर की उपलब्धि से डांगरी और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। विभिन्न संगठनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है तथा उनकी सफलता को विशेष रूप से उन युवतियों के लिए प्रेरणादायक बताया है जो परंपरागत सीमाओं से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में करियर बनाना चाहती हैं।

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