नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मई 2026 के महत्वपूर्ण फैसले
नई दिल्ली: मई 2026 के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण फैसलों और संवैधानिक मुद्दों पर टिप्पणियाँ कीं। अदालत ने कहा कि किसी भी आपराधिक मुकदमे को केवल सामान्य और अस्पष्ट आरोपों पर आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। 25 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार मामले में वन विभाग के अधिकारी को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन के लिए आरोपी की विशिष्ट भूमिका का प्रमाण आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक मामलों में भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की और कहा कि किसी महिला की पेशेवर महत्वाकांक्षा को "वैवाहिक क्रूरता" नहीं माना जा सकता। एक महिला दंत चिकित्सक के पक्ष में फैसला देते हुए निचली अदालतों की टिप्पणियों को "अत्यंत आपत्तिजनक" बताया। न्यायिक प्रक्रियाओं में देरी को रोकने के लिए अनुच्छेद 142 के तहत सभी उच्च न्यायालयों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, जमानत, चुनावी प्रक्रिया, मध्यस्थता, आपराधिक न्याय और प्रशासनिक कानून के मामलों में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।