हुसैनगंज क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध अस्पताल, डीएम-सीएमओ के निर्देशों का नहीं दिख रहा असर
फतेहपुर संवाददाता।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच हुसैनगंज क्षेत्र में बिना पंजीकरण और मानकों के विपरीत संचालित हो रहे निजी अस्पतालों व क्लीनिकों का कारोबार बेखौफ जारी है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स एवं नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय भान सिंह के निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
कस्बा हुसैनगंज, मवई, जमराव, सातमील, बारामील, चंदीपुर, भिटौरा, असनी सहित कई स्थानों पर मानकविहीन निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई संस्थान बिना आवश्यक पंजीकरण और पर्याप्त चिकित्सकीय संसाधनों के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अस्पतालों और क्लीनिकों के संचालकों को प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है। आरोप है कि मरीजों को बेहतर इलाज का भरोसा देकर भारी शुल्क वसूला जाता है, जबकि आपातकालीन सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव बना रहता है।
क्षेत्रीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है।