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...5 एकड़ जमीन ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: 10 साल में तीन हत्याओं से दहला ...

महेंद्रगढ़ जिले के कनिना क्षेत्र के गांव चेलावास में महज 5 एकड़ जमीन को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद अब खूनी संघर्ष का रूप ले चुका है। एक ही परिवार में पिछले 10 वर्षों के दौरान तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। ताजा मामला ओमपति हत्याकांड का है, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और एक बार फिर जमीन के झगड़े की भयावह तस्वीर सामने ला दी है।
बताया जा रहा है कि परिवार के बुजुर्ग दयानंद के नाम करीब पांच एकड़ जमीन थी। परिवार के पांच बेटों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि दयानंद ने करीब डेढ़ साल पहले तीन एकड़ जमीन बेच दी और उसकी राशि केवल दो बेटों को दी, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों में नाराजगी बढ़ गई। धीरे-धीरे यह विवाद रिश्तों में दरार और फिर खूनी दुश्मनी में बदल गया।
25 अप्रैल 2025 को विवाद सुलझाने के लिए पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। आरोप है कि पंचायत के कुछ घंटों बाद ही दयानंद के पोते नरेंद्र ने अपने 90 वर्षीय दादा की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस मामले में नरेंद्र जेल में बंद है।
इसके बावजूद परिवार की रंजिश खत्म नहीं हुई। हाल ही में दयानंद की पुत्रवधू ओमपति पर घर में घुसकर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। शिकायत में परिवार के ही कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, ओमपति के पति की भी करीब 10 वर्ष पहले हत्या हुई थी और उस मामले की जड़ में भी पारिवारिक विवाद ही बताया गया था। इस तरह एक ही परिवार में एक दशक के भीतर तीन हत्याएं हो चुकी हैं।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि कभी एकजुट रहने वाला यह परिवार अब पूरी तरह बिखर चुका है। खेतों के हिस्से को लेकर शुरू हुआ विवाद अदालतों, पुलिस और खून-खराबे तक पहुंच गया। लगातार हो रही हत्याओं के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल है।
यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई की मिसाल है कि जब जमीन रिश्तों से बड़ी हो जाती है, तो उसका अंत अक्सर विनाश में होता है। चेलावास में आज हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर 5 एकड़ जमीन की कीमत क्या तीन जिंदगियों से भी ज्यादा थी?

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