महागुरु MAAsterG ने नई दिल्ली में 'ब्लू इकोनॉमी समिट' को किया संबोधित, अध्यात्म और समुद्री संपदा के जुड़ाव पर दिया विशेष वक्तव्य
नई दिल्ली, 6 जून 2026
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 5 और 6 जून को आयोजित दो दिवसीय 'ब्लू इकोनॉमी समिट' में प्रसिद्ध आध्यात्मिक मार्गदर्शक MAAsterG ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया। इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम "समुद्री संपदा का सदुपयोग: नवाचार, समावेशन और सतत विकास" रखी गई थी।
इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और नवाचार के माध्यम से भारत की ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) को सशक्त बनाना था। कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण MAAsterG का विशेष सत्र रहा, जिसमें उन्होंने जीवन के गूढ़ रहस्य और ज्ञान प्रसाद को बेहद सरल शब्दों में साझा किया।
समुद्र की गहराई और आत्म-खोज का अनूठा संगम
अपने प्रेरणादायक संबोधन में MAAsterG ने समिट की थीम को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ते हुए एक गहरा संदेश दिया। उन्होंने कहा:
"सृष्टि के विकासक्रम में हम कभी मत्स्य अवतार के रूप में जल में थे, जहाँ जीवन पूरी तरह पानी से जुड़ा हुआ था। आज मानव रूप में हम पानी से बाहर यानी अपने वास्तविक स्वरूप से दूर हो गए हैं, और यही हमारे संघर्ष, तनाव और दुःख का मुख्य कारण है।"
उन्होंने आगे विस्तार से समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र की गहराइयों में अनमोल खजाने छिपे होते हैं, ठीक उसी प्रकार हमारे भीतर भी चेतना का एक अथाह सागर मौजूद है। जब मनुष्य अपने भीतर उतरकर अपने वास्तविक अस्तित्व को पहचान लेता है, तब उसके जीवन में सुख, शांति और आनंद का स्वाभाविक उदय होता है। यही आत्म-खोज जीवन के सभी संघर्षों का अंतिम समाधान है।
'मिशन 800 करोड़' और 'हैप्पीनेस गैरंटीड' की यात्रा
MAAsterG को वर्ष 2007 में आत्मबोध की प्राप्ति हुई थी। पिछले 16 वर्षों के अपने गहन अनुभवों को उन्होंने लाखों लोगों के साथ साझा किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि 10 वर्ष के बच्चे से लेकर 80 वर्ष की बुजुर्ग दादी तक, यानी समाज की चार पीढ़ियाँ एक साथ उनके ज्ञान से आनंदित होकर झूम रही हैं।
इसी अद्भुत अनुभव के आधार पर, दिसंबर 2023 में उन्होंने इस तत्वज्ञान को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसके बाद वे 'MAAsterG' के नाम से सभी सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर अवतरित हुए।
लक्ष्य: उन्होंने 'मिशन 800 करोड़' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य वैश्विक आबादी के अंतिम व्यक्ति तक इस दिव्य ज्ञान को पूरी तरह निःशुल्क पहुँचाना है।
नारा: इस मिशन का मुख्य नारा 'हैप्पीनेस गैरंटीड' (खुशी की गारंटी) है, जो समाज में प्रेम और शांति का प्रसार कर रहा है।
समाज में सकारात्मक बदलाव की लहर
सार्वजनिक जीवन में कदम रखने के बाद से MAAsterG अब तक 250 से अधिक प्रभावशाली कार्यक्रम कर चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों में बड़े स्तर पर सकारात्मक और वैचारिक परिवर्तन देखने को मिला है।
जैसा कि MAAsterG हमेशा कहते हैं – 'रोज़ की एक वाणी रखे दुखों से दूर।' जीवन को बदलने वाली उनकी यह प्रेरणादायक ‘वाणी’ उनके आधिकारिक YouTube चैनल 'MAAsterG' पर सभी के लिए पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध है।