logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

विशाल बाल समागम में बच्चों को दी मानवीय गुणों के प्रति प्रेरणा.. नवनीत पाठक

चंडीगढ़, 7 जून आरके विक्रमा शर्मा रक्षत शर्मा प्रस्तुति---नई पीढ़ी को मानवता के प्रति प्यार , नम्रता, सहनशीलता जैसे मानवीय गुणों एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक और प्रेरित करने के उद्देश्य से संत निरंकारी सत्संग भवन, सेक्टर-30, चंडीगढ़ में 40 एरिया के बाल समागम का भव्य आयोजन किया गया इस बाल समागम के माध्यम से यहां के संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी और जिससे वे एक संवेदनशील, जागरूक एवं आदर्श नागरिक के रूप में विकसित हो सकें और समाज के प्रति अच्छे नागरिक बन सकें ।
सत्गुरू माता सुदीक्षा जी द्वारा दिए ‘‘ब्रहमज्ञान से जीवन का परिवर्तन और सच्ची प्राथमिकताओं का निर्धारण” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सतगुरु मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं। ब्रह्मज्ञान केवल सुनने या समझने का विषय नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में उतारना ही उसकी वास्तविक सार्थकता है। श्रद्धा, आदर और समर्पण भाव से ग्रहण किया गया ज्ञान व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाता है तथा उसे अपने मूल स्वरूप अर्थात निरंकार की पहचान कराता है। उन्होंने आगे कहा कि सतगुरु का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करना भी है। इसी भावना के अंतर्गत संत निरंकारी मिशन द्वारा स्वच्छता अभियान, रक्तदान, जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं नशामुक्ति जैसे अनेक जनकल्याणकारी अभियान चलाए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और बच्चों में सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित हो रही है। श्री पाठक जी ने बच्चों एवं युवाओं को जीवन में सही प्राथमिकताएं निर्धारित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि भौतिक उपलब्धियों के साथ-साथ ज्ञान, संस्कार, चरित्र निर्माण और मानवता के मूल्यों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवा वर्ग सकारात्मक सोच और सेवा भाव के साथ समाज से जुड़ता है, तब वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के बाल समागम नई पीढ़ी में आध्यात्मिक जागरूकता, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों के विकास का सशक्त माध्यम हैं।
इस अवसर पर आए बच्चों ने उत्साह पूर्वक भाग लेते हुए आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं तथा लघु नाटिकाएं एवं गीत प्रस्तुत कर सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा प्रदत्त शिक्षाओं को जीवन में अपनाने के संबंध में अपने विचार एवं भाव व्यक्त किए।
इस अवसर पर सैक्टर 40 ऐरिया के मुखी श्री पवन कुमार जी ने उपस्थित सभी बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, आदि का इस बाल समागम को सफल बनाने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं समस्त साध-संगत का धन्यवाद किया ।

1
80 views

Comment