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'कॉकरोच इज़ बैक': सोशल मीडिया से निकलकर जंतर-मंतर की सड़कों पर उतरा युवाओं का महासैलाब!


​नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच इज़ बैक' (Cockroach is Back) अकाउंट के जरिए चंद दिनों में 2 करोड़ से ज्यादा फॉलोवर्स बटोरने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अब सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं रही। शनिवार को दिल्ली का जंतर-मंतर इस अनोखे और युवा आंदोलन का गवाह बना, जहां हजारों की संख्या में छात्र और युवा सड़कों पर उतर आए।
​🔥 क्या हैं CJP की मुख्य मांगें?
यूएस (US) से लौटते ही CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके सीधे जंतर-मंतर पहुंचे। इस आंदोलन ने केंद्र सरकार के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखी हैं:
​शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: NEET-UG, CUET, CBSE और SSC GD जैसी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
​बिना ट्रेनिंग के डिजिटलाइजेशन का विरोध: शिक्षा व्यवस्था में बिना शिक्षकों की उचित ट्रेनिंग के अचानक किए जा रहे बड़े डिजिटल बदलावों पर रोक लगाने की मांग।
​7 दिनों का अल्टीमेटम: पार्टी ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और उग्र होगा।
​🎭 अनोखा प्रदर्शन: हाथों में तिरंगा, किताब और चेहरे पर कॉकरोच मास्क!
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नजारा बेहद अलग था। युवाओं ने हाथों में भारत का तिरंगा और किताबें थाम रखी थीं, वहीं सबके चेहरों पर कॉकरोच के मास्क नजर आ रहे थे। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा— "ये लोग सोशल मीडिया से हमारी पोस्ट डिलीट कर सकते हैं, लेकिन हमें युवाओं के दिलों से नहीं मिटा सकते। देश का युवा अब डरेगा नहीं, लड़ेगा!"
​🤝 विपक्ष का मिला साथ, लेकिन कांग्रेस की 'रहस्यमयी' चुप्पी?
इस प्रदर्शन को शिवसेना (UBT) के संजय राउत, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और आरजेडी जैसी बड़ी पार्टियों का खुला समर्थन मिला है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। हालांकि, इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने एक रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

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