तहसीलदार 6.40 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
अवैध रेत खनन पर कार्रवाई न करने के बदले मांगी थी रिश्वत, एसीबी ने जाल बिछाकर दबोचा
छत्रपति संभाजीनगर | विशेष रिपोर्ट
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अंबड के तहसीलदार विजय चव्हाण को 6 लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि अवैध रेत उत्खनन में इस्तेमाल होने वाली पोकलैंड मशीन पर कार्रवाई न करने और रेत परिवहन में लगे छह ट्रकों को बिना रोक-टोक चलने देने के लिए तहसीलदार ने भारी रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की जांच की। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने जाल बिछाया। शनिवार को जैसे ही तहसीलदार विजय चव्हाण ने 6.40 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया।
यह कार्रवाई बीड एसीबी के उप-अधीक्षक सोपान चिटमपल्ले के मार्गदर्शन में की गई। मामले की आगे की जांच जारी है।
बीड में पुलिस कर्मी भी रिश्वत लेते गिरफ्तार
इसी बीच बीड जिले में भी भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस अमलदार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बीमा दावा (इंश्योरेंस क्लेम) के लिए आवश्यक दस्तावेज देने के बदले पुलिस अमलदार ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
जालना एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए दत्तात्रय बलवंत नामक पुलिस अमलदार को 10 हजार रुपये स्वीकार करते समय गिरफ्तार कर लिया।
लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामले
महाराष्ट्र में हाल के दिनों में रिश्वतखोरी के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एक ओर तहसीलदार और दूसरी ओर पुलिस कर्मी के खिलाफ हुई कार्रवाई ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम नागरिकों का कहना है कि आखिर रिश्वतखोरी पर पूरी तरह लगाम कब लगेगी?