विश्व पर्यावरण दिवस पर द्वारीखाल में निकली जन-जागरूकता रैली, वन संरक्षण का लिया संकल्प
द्वारीखाल, 5 जून।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड द्वारीखाल में पर्यावरण संरक्षण और वन सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इस क्रम में ग्राम पंचायत सिराई, बुबई, नौसिन, सैंज, पलास, मलेथा एवं रिंगवाड़ के फायर फाइटरों, हंस वनाग्नि प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा ग्रामीणों द्वारा रेंज कार्यालय मटियाली में जन-जागरूकता रैली एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनाग्नि की रोकथाम तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश रावत, वन दरोगा कमलेश रतूड़ी एवं बचन सिंह सहित अन्य वन कर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख दुगड्डा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जन-जागरूकता रैली का शुभारंभ रेंज कार्यालय मटियाली से किया गया, जो मुख्य बाजार डाडामंडी तक निकाली गई। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने “पेड़ पौधों की करो रखवाली, तभी आयेगी सुंदर हरियाली” तथा “वन उत्तराखंड की है पहचान, आओ इनका करें सम्मान” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया। तख्तियों और बैनरों के जरिए पर्यावरण संरक्षण एवं वन सुरक्षा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया गया।
रैली के दौरान ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान, उसकी रोकथाम के उपायों तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि वन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा तथा मानव जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रैली के उपरांत आयोजित गोष्ठी में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम, वनों के संरक्षण तथा जनसहभागिता की आवश्यकता पर गहन चर्चा की गई। वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वनों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी ग्रामीणों, समिति सदस्यों एवं प्रतिभागियों ने वनों को आग से सुरक्षित रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता फैलाने की शपथ ली।
इस अवसर पर द हंस फाउंडेशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर रोहित गड़िया एवं मोटिवेटर संगीता देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेने एवं समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से वन सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित करने वाला साबित हुआ।