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विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण, "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत लिया संरक्षण का संकल्प


द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल, 5 जून।
द्वारीखाल संबाददाता कमल उनियाल

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में वृक्षारोपण एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जनसरोकारों के लिए समर्पित द हंस फाउंडेशन तथा भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के जयहरीखाल रेंज के तत्वाधान में ग्राम ओडल में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और वन पंचायत भूमि पर आंवला, कचनार, बाँज सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
वन क्षेत्राधिकारी गणेश चन्द्र बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण के कारण वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व बन गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन संकटपूर्ण हो सकता है।
द हंस फाउंडेशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संजय बजवाल ने कहा कि प्रत्येक वृक्ष की अपनी विशेषताएं और सांस्कृतिक महत्ता होती है, इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

वन पंचायत सरपंच विजेंद्र सिंह ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे अपनी क्षमता के अनुसार अधिक से अधिक पौधे लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहें।
कार्यक्रम में विशेष रूप से स्थानीय महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।

इस अवसर पर वन दरोगा रमेश गुसाईं, कुलदीप नेगी, राकेश वेदवाल, बवीता देवी, ममता देवी, मीना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव गतिविधियों के कारण बढ़ता प्रदूषण और जैव विविधता का नुकसान भविष्य के लिए गंभीर खतरा है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है।

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