35 वर्षों से बदहाल सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, लगाया 'रोड नहीं तो वोट नहीं' का नारा
हुसैनगंज फतेहपुर संवाददाता।
विकास के दावों और सरकारी योजनाओं के बीच भिटौरा ब्लॉक क्षेत्र के आलमपुर नरही गांव को जोड़ने वाली सड़क पिछले करीब 35 वर्षों से बदहाली का शिकार बनी हुई है। दौलतपुर से आलमपुर नरही तक लगभग तीन किलोमीटर लंबा मार्ग जर्जर अवस्था में पड़ा है, जिससे क्षेत्र के करीब 14 गांवों के हजारों ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। टूटी-फूटी और गड्ढों से भरी सड़क पर एकत्र होकर ग्रामीणों ने "रोड नहीं तो वोट नहीं" के नारे लगाए और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे व्यापक जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जो बरसात के मौसम में जलभराव के कारण छोटे तालाब का रूप ले लेते हैं। इससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। उखड़ी हुई सड़क, कीचड़ और उड़ती धूल के कारण राहगीरों का सफर बेहद कठिन हो गया है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
युवा समाजसेवी नितेश ने बताया कि सड़क की बदहाली का असर क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह जैसे आयोजनों में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई बार बाहरी लोग खराब सड़क का हवाला देकर रिश्ते करने से भी इनकार कर देते हैं, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक स्तर पर भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि यह मार्ग केवल एक गांव नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों लोगों की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।