विश्व पर्यावरण दिवस पर संवेदनशीलता और समर्पण की मिसाल बने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
हाजीपुर/विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने स्काउट-गाइड बच्चों, शिक्षकों एवं उपस्थित लोगों के दिलों को छू लिया। भीषण गर्मी और उमस के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वैशाली श्री हर्षित सिंह जी अपनी धर्मपत्नी श्रीमती अलका सिंह जी के साथ पूरे समय बच्चों के बीच उपस्थित रहे।
गर्मी इतनी अधिक थी कि कुछ देर खड़े रहना भी कठिन प्रतीत हो रहा था, लेकिन इसके बावजूद श्री हर्षित सिंह जी एवं श्रीमती अलका सिंह जी ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। लगभग एक घंटे से अधिक समय तक वे स्काउट-गाइड बच्चों के बीच बैठे रहे, उनकी प्रस्तुतियों का अवलोकन किया, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देकर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान गर्मी के कारण उनके कपड़े पसीने से भीग गए थे, लेकिन उन्होंने न तो कार्यक्रम को जल्द समाप्त करने की कोशिश की और न ही बच्चों के उत्साह में कोई कमी आने दी। वहीं श्रीमती अलका सिंह जी भी पूरे समय अत्यंत स्नेह और अपनत्व के साथ बच्चों के बीच रहीं।
आज के समय में जब लोग छोटी-छोटी असुविधाओं से बचने का प्रयास करते हैं, ऐसे में इतने उच्च पद पर आसीन होकर भी बच्चों के बीच इतनी सहजता, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ समय देना वास्तव में प्रेरणादायक रहा। स्काउट-गाइड बच्चों ने इस अवसर पर केवल एक मुख्य अतिथि को नहीं देखा, बल्कि एक ऐसे अभिभावक को महसूस किया जो उनके सपनों, प्रयासों और भविष्य की चिंता करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि महानता केवल पद से नहीं, बल्कि लोगों के प्रति संवेदनशीलता, विनम्रता और समर्पण से तय होती है। माननीय श्री हर्षित सिंह जी एवं श्रीमती अलका सिंह जी का यह व्यवहार स्काउट-गाइड परिवार के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर जिला संगठन आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड, वैशाली ऋतुराज ने दोनों अतिथियों के प्रति सादर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “जब जिम्मेदारी के साथ संवेदनशीलता जुड़ जाती है, तब व्यक्तित्व प्रेरणा बन जाता है।”