विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्राम पंचायत घसीया में पौधारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
घसीया/धोरैया, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर प्रखंड धोरैया अंतर्गत ग्राम पंचायत घसीया के पंचायत सरकार भवन, घसीया में शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:00 बजे बैठक एवं पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत घसीया की मुखिया श्रीमती अनीता यादव ने की।
इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुखिया श्रीमती अनीता यादव, स्वच्छता पर्यवेक्षक मुकेश यादव, डाटा ऑपरेटर अमन कुमार, सीआरएस लीलावरण, वार्ड सदस्य नित्यानंद गोस्वामी, चंदन कुमार एवं पंचायत के जनप्रतिनिधि, स्वच्छता कर्मी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत पंचायत सरकार भवन परिसर में मनी प्लांट का पौधा लगाया गया। मुखिया श्रीमती अनीता यादव, डाटा ऑपरेटर अमन कुमार, स्वच्छता पर्यवेक्षक मुकेश यादव, वार्ड सदस्य नित्यानंद गोस्वामी एवं अन्य कर्मियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण किया। इसके बाद सभी ने पौधे में जल अर्पित कर उसके संरक्षण का संकल्प लिया।
वहीं "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के अंतर्गत पंचायत क्षेत्र के सड़क किनारे भी आम का पेड़ लगाया गया। उपस्थित ग्रामीणों एवं कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
मुखिया श्रीमती अनीता यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। आज लगाया गया पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा।
स्वच्छता पर्यवेक्षक मुकेश यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं डाटा ऑपरेटर अमन कुमार एवं अन्य उपस्थित अधिकारियों ने भी पर्यावरण बचाने, हरियाली बढ़ाने एवं जलवायु संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीणों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ। पौधारोपण के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।