सूरज पासी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मची सियासी हलचल, विरोधियों के पैरों तले खिसकी जमीन
लाखन आर्मी के बढ़ते जनाधार
सूरज पासी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मची सियासी हलचल, विरोधियों के पैरों तले खिसकी जमीन
लाखन आर्मी के बढ़ते जनाधार से बेचैन विरोधी, सूरज पासी ने मीडिया के सामने रखी बेबाक बात
पासी समाज के स्वाभिमान की बुलंद आवाज बने सूरज पासी, प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी चर्चा का केंद्र
उत्तर प्रदेश की सामाजिक और राजनीतिक फिजाओं में इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है—माननीय *सूरज पासी* लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने जिस तरह से पासी समाज के स्वाभिमान, इतिहास और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है, उससे समाज के भीतर एक नई चेतना और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।
हाल ही में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस ने प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। देश के प्रतिष्ठित प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों की मौजूदगी में सूरज पासी ने समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सामने दर्जनों माइक्रोफोन और पत्रकारों के तीखे सवाल थे, लेकिन उनके जवाबों में आत्मविश्वास, तथ्य और समाज के प्रति समर्पण साफ दिखाई दे रहा था।
दशकों से कुछ लोग बहुजन, दलित, शोषण और असमानता(छुआ छूत)के नाम पर राजनीति करते रहे हैं। समाज के वोट लिए गए, बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन समाज को उसका वास्तविक सम्मान और अधिकार नहीं मिल सका। पासी समाज के महापुरुषों और उनके गौरवशाली इतिहास को लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया। लेकिन समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता।
आज सूरज पासी के नेतृत्व में पासी समाज का एक नया जागरण देखने को मिल रहा है। समाज अपने इतिहास को जान रहा है, अपने महापुरुषों को पहचान रहा है और अपने स्वाभिमान के लिए संगठित हो रहा है। महाराजा बिजली पासी, महाराजा छीता पासी, महाराजा लाखन पासी, महाराजा सातन पासी, राज पासी, राजा कंस पासी, मदारी पासी और बापू मसूरिया दीन पासी जैसे महानायकों के बारे में आज नई पीढ़ी जानकारी प्राप्त कर रही है। यह परिवर्तन अचानक नहीं आया, बल्कि लगातार संघर्ष, जागरूकता और संगठनात्मक प्रयासों का परिणाम है।
यही कारण है कि जो लोग वर्षों से स्वयं को समाज का एकमात्र हितैषी बताते रहे, वे आज बेचैन दिखाई दे रहे हैं। जब जनता सच्चाई पहचानने लगती है तो नकाब अपने आप उतर जाते हैं। समाज के बीच बढ़ती जागरूकता ने उन लोगों की राजनीति को चुनौती दी है जो केवल भावनाओं का इस्तेमाल करके अपना हित साधते रहे।
सूरज पासी की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि समाज अब केवल नारों से नहीं, बल्कि कार्यों से प्रभावित हो रहा है। युवा वर्ग बड़ी संख्या में उनके साथ जुड़ रहा है और समाज के सम्मान, शिक्षा, संगठन तथा अधिकारों के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।
आज लाखन आर्मी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण का एक आंदोलन बनती जा रही है। यह आंदोलन समाज को उसकी पहचान, इतिहास और सम्मान दिलाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
समय ने साबित कर दिया है कि पासी समाज जाग चुका है, संगठित हो रहा है और अपने अधिकारों के प्रति सजग है। यह बदलाव उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो समाज को कमजोर और बिखरा हुआ समझते थे।
सूरज भाई संघर्ष करो, हम आपके साथ हैं।
हर हर महादेव
लाखन आर्मी जिंदाबाद!
पासी समाज जिंदाबाद!
सूरज पासी जिंदाबाद!