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प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं : लखावत विश्व पर्यावरण दिवस पर पेंशनर भवन में संगोष्ठी का आयोजन

प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं : लखावत

विश्व पर्यावरण दिवस पर पेंशनर भवन में संगोष्ठी का आयोजन

सोजत। प्रकृति के बिना मानव जीवन संभव नहीं है पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने वह इसका संतुलन बनाए रखने की महत्ती आवश्यकता है उक्त उद्गार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पर्यावरण प्रेमी भामाशाह अनोप सिंह लखावत ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पेंशनर समाज भवन में आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किये उन्होंने कहा कि मैं स्वयं प्रतिवर्ष चार पेड़ अपने परिवार की ओर से लगाता हूं लोगों को अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने के लिए हमें प्रेरित करना चाहिए। संगोष्टी के विशिष्ट अतिथि सोजत सेवा मंडल के मंत्री पुष्पराज मुणोत ने कहा कि पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है पॉलिथीन थेलिया प्लास्टिक के कप आदि का बहिष्कार करके भी पर्यावरण बचाया जा सकता है इसकी शुरुआत हमें स्वयं से करनी चाहिए। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना न केवल हमारा नैतिक दायित्व हैं बल्कि हमारे भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक हैं। शारीरिक शिक्षा संघ पाली जिला संरक्षक सत्तुसिंह भाटी ने कहा कि हम सबको उन उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए जिसे हर तरह के प्रदूषण को रोका जा सके कवि शायर अब्दुल समद राही ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षित हैं तो हम सुरक्षित है। कार्यक्रम का सरस संचालन करते हुए सचिव रामस्वरूप भटनागर ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग की समस्या मनुष्य द्वारा उत्पन्न की गई हैं हमें दिखावे की संस्कृति से बाहर आना चाहिए तथा हमें प्रकृति द्वारा प्राप्त संसाधनों का उचित प्रयोग करना चाहिए। कार्यक्रम में एडवोकेट जुगल किशोर दवे, फौजी अशोक सेन, झूमर लाल गर्ग, नरपत सिंह दहिया आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर चारधाम की यात्रा कर लौटे भामाशाह अनोप सिंह लखावत का पेंशनर समाज अध्यक्ष लालचंद मोयल द्वारा साफा व फूलों की माला पहनाकर बहुमान किया गया। लखावत ने अपने चारधाम की यात्रा के अनुभव शेयर किए। इस अवसर पर शंकर लाल पारीक एडवोकेट ईश्वर दास पुरुषवाणी, मोहम्मद यासीन खरादी, महेंद्र माथुर, परेस लोढ़ा पर्यावरण प्रेमी पियूष आदि कई गणमान्य जन और पेंशनर उपस्थित थे।

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