विकास या विनाश? बांदा में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ फूटा युवाओं का आक्रोश, दी उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी
बांदा (उत्तर प्रदेश) में सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर हो रही पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ स्थानीय युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों का गुस्सा फूट पड़ा है। पल्हरी के कालका चौराहे पर एकत्रित हुए युवाओं ने प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने पर पहुंचे युवाओं ने देखा कि कई प्राचीन और विशालकाय पेड़ों पर काटने के लिए लाल निशान लगा दिए गए हैं।
विरोध का नेतृत्व कर रहे युवाओं ने चेतावनी देते हुए कहा, "प्रशासन विकास के नाम पर विनाश करना बंद करे। जब हमारे पास शुद्ध हवा और ऑक्सीजन ही नहीं बचेगी, तो यह कंक्रीट का विकास किस काम आएगा?" युवाओं ने सड़क की स्थिति दिखाते हुए कहा कि कालका चौराहे के पास पहले से ही पर्याप्त जगह उपलब्ध है, जहाँ से दो बड़े ट्रक आसानी से निकल सकते हैं। ऐसे में 40 वर्ष पुराने इन छायादार पेड़ों को काटने का कोई तार्किक आधार नहीं है।
इस समय पूरा बुंदेलखंड 48 डिग्री के रिकॉर्ड तोड़ तापमान और भीषण लू से झुलस रहा है। युवाओं ने वन विभाग के उच्चाधिकारियों (DFO) और जिला प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र जन-आंदोलन करने को मजबूर होंगे।