सरकारी भूमि से पत्थर उखाड़ने और विरोध करने पर पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
तरवां (आजमगढ़/):कुंजराव ग्राम दबंग गाने क
सरकारी भूमि से पत्थर उखाड़ने और विरोध करने पर पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
तरवां (आजमगढ़/स्थानीय पता):
कुंजराव ग्राम सभा में सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने और पैमाइश के बाद लगाए गए सरकारी पत्थर को उखाड़ कर फेंकने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। विरोध करने पर दबंगों द्वारा पीड़ित परिवार पर फावड़े से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। पुलिस द्वारा इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने और उचित कार्रवाई न करने का आरोप पीड़ित परिवार ने लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुंजराव ग्राम सभा के निवासी संजय यादव (पुत्र देवनाथ यादव) गाटा संख्या 745 में रकबा 270 कड़ी के बैनामादार (भूमि स्वामी) हैं। संजय यादव की जमीन के समीप ही स्थित खलिहान की सरकारी भूमि पर उनके विपक्षी अवैध रूप से मकान और सहन बनाकर रह रहे हैं।
विगत दिनों राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी विधिक प्रक्रिया के तहत पैमाइश की थी और वहां सरकारी पत्थर (सीमांकन) गड़वाया था।
पत्थर उखाड़ कर फेंका, दो आरोपी पकड़े गए
प्रशासन के जाते ही विपक्षियों ने कानून को ताक पर रखकर सरकारी पत्थर को उखाड़ कर फेंक दिया। इस बात की शिकायत जब पीड़ित पक्ष द्वारा तरवां थाने में प्रार्थना पत्र देकर की गई, तो त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जबकि बाकी आरोपी फरार होने में सफल रहे।
जमानत मिलते ही शाम को किया जानलेवा हमला
आरोप है कि हिरासत में लिए गए विपक्षी जैसे ही जमानत कराकर वापस लौटे, उनके हौसले और बुलंद हो गए। उसी दिन शाम करीब 7:00 बजे विपक्षियों ने लामबंद होकर संजय यादव के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने संजय यादव की पत्नी कंचन यादव को बेरहमी से मारना-पीटना शुरू कर दिया। इसी बीच एक आरोपी ने कंचन यादव पर फावड़े से जानलेवा वार कर दिया, जिसके बचाव में उनका हाथ गंभीर रूप से कट गया। चीख-पुकार सुनकर जब तक ग्रामीण इकट्ठा हुए, आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
"प्रशासन ने जमीन की पैमाइश कर पत्थर लगाया था, जिसे विपक्षियों ने उखाड़ दिया। जब हमने शिकायत की, तो उन्होंने मेरे और मेरी पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। मेरी पत्नी का हाथ फावड़े से कट गया है और हम बेहद डरे हुए हैं।"
— संजय यादव (पीड़ित)
पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि इस खूनी संघर्ष और जानलेवा हमले के बाद उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। विपक्षी लगातार पीड़ित परिवार को डरा-धमका रहे हैं, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ित पक्ष ने उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।