विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण।
छबड़ा:विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र,अमीरपुर खेड़ी एवं ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी में "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर एवं चंद्र प्रकाश गुप्ता, प्रधानाचार्य राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय, भुवाखेड़ी,ग्रामीण अंचल के गीतकार श्री लाल धाकड़ ने खाटूश्याम गोशाला की पहाड़ी ओर ध्यान केंद्र पर विभिन्न प्रजाति के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, शहरीकरण और भौतिक विकास की दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हुआ है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हुआ है। जंगलों की कटाई, बढ़ता प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन आज पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं।
ध्यान केंद्र के संचालक एस. एल. नागर ने कहा कि आधुनिक मानव ने भौतिकता की अंधी दौड़ में प्रकृति के महत्व को काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने कहा कि "सबको वृक्षों की छाया चाहिए, लेकिन वृक्ष लगाने और उनका संरक्षण करने की जिम्मेदारी से लोग बचते हैं। यही सोच पर्यावरण संकट को और गहरा कर रही है।"
उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या, घटते रोजगार, औद्योगीकरण तथा प्राकृतिक क्षेत्रों में अतिक्रमण के कारण पहाड़,चरागाह और वन क्षेत्र लगातार सिमटते जा रहे हैं। वहीं प्रदूषण और रेडिएशन के बढ़ते प्रभाव से प्रकृति के पंचतत्व—जल, वायु, भूमि, अग्नि और आकाश—भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक तापमान में निरंतर वृद्धि हो रही है और मौसम चक्र असंतुलित होता जा रहा है।
नागर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज वृक्षों के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाले समय में मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन और स्वच्छ वातावरण का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनका संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस अभियान ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।