डिजिटल युग में कार्य दक्षता बढ़ाने संबंधी क्षमता निर्माण कार्यक्रम का समापन
खानपुर कलां, 5 जून 2026।भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां के विश्वविद्यालय स्वावलंबन केंद्र द्वारा एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) एवं बीपीएसएमवी के अकादमिक एवं प्रशासनिक विकास केंद्र (एएडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम “ एन्हान्सिंग वर्क प्रोडक्टिविटी इन द डिजिटल एरा " का आज समापन हो गया। यह कार्यक्रम 1 जून से 5 जून 2026 तक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया।समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता कुलसचिव प्रो. शिवालिक यादव ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी, तेज एवं परिणामोन्मुख बनाता है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने के लिए प्रेरित किया। प्रो यादव ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल परिवर्तन प्रत्येक संस्थान की आवश्यकता बन चुका है। विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सतत कौशल विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा ताकि संस्थान की कार्य संस्कृति और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बन सके। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कार्यक्रम ने उन्हें डिजिटल तकनीकों, ई-ऑफिस कार्यप्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों तथा आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के प्रभावी उपयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की है, जिससे उनकी कार्यकुशलता एवं उत्पादकता में वृद्धि होगी।कार्यक्रम समन्वयक प्रो. संदीप दहिया ने अपने वक्तव्य में कार्यक्रम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल युग में निरंतर सीखना और तकनीकी दक्षता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण सहयोग एवं विशेषज्ञ वक्ताओं के योगदान की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में नोडल अधिकारी प्रो. अंशु भारद्वाज ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, रिसोर्स पर्सन्स एवं आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन :-01 प्रतिभागियों को सम्बोधित करते कुलसचिव प्रो शिवालिक यादव।