logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

धरमजयगढ़ में 108 वाहन का चालक का मरीज के जान से खिलवाड़, अस्पताल में खड़ी थी गाड़ी फिर भी नहीं मिली सुविधा.. धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में एक बार फिर स्व

धरमजयगढ़ में 108 वाहन का चालक का मरीज के जान से खिलवाड़, अस्पताल में खड़ी थी गाड़ी फिर भी नहीं मिली सुविधा..


धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सड़क हादसे में घायल मरीज के साथियों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर सहायता मांगी, लेकिन गंभीर स्थिति होने के बावजूद मरीज को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी। बताया जा रहा है कि जिस समय कॉल किया गया, उस समय 108 वाहन अस्पताल परिसर में ही मौजूद था और मिली जानकारी के अनुसार उसका चालक कमलेश ड्यूटी के समय नशे के हालत में था..

*अस्पताल से 200 मीटर दूर खड़ा मिला वाहन, चालक गायब*

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कॉल आने के कुछ समय बाद 108 वाहन को अस्पताल से लगभग 200 मीटर दूर ले जाकर खड़ा कर दिया गया। आरोप है कि वाहन चालक मौके से चला गया और काफी देर तक वापस नहीं लौटा। हैरानी की बात यह रही कि वाहन अस्पताल के पास खड़ा था, लेकिन उसके आसपास कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस दौरान मरीज और उसके परिजन मदद के लिए भटकते रहे, जबकि आपातकालीन सेवा का वाहन निष्क्रिय अवस्था में खड़ा रहा।

*इमरजेंसी सेवा की लापरवाही पर उठे सवाल, जांच की मांग*

करीब 2 से 3 घंटे तक मरीज को 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी देखी गई। सवाल यह उठ रहा है कि जब वाहन उपलब्ध था तो मरीज को तत्काल सहायता क्यों नहीं दी गई? आपातकालीन सेवाओं में इस तरह की कथित लापरवाही किसी भी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी जरूरतमंद को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

*कमलेश नें मौखिक बताया*

ज़ब इस सम्बन्ध में ड्राइवर कमलेश से रास्ते पर बात किया गया उसने गुमराह करते हुए मौखिक बताया और साफ इनकार कर दिया की उस समय उसका ड्यूटी नहीं था वह दूसरे ड्राइवर का ड्यूटी कहने लगा। जबकी उसके अलावा बाकी सभी लोगों नें कमलेश के ड्यूटी में होने की पुष्टि की।

17
718 views

Comment