झारखंड पंचायत चुनाव में चार रंगों के होंगे मतपत्र, ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की तैयारी तेज
रांची: झारखंड में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में इस बार पंचायत चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की बजाय बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। चुनाव में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया में सुविधा मिल सके।
जानकारी के अनुसार मुखिया पद के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र, पंचायत वार्ड सदस्य के लिए सफेद रंग का मतपत्र, पंचायत समिति सदस्य के लिए हल्के हरे रंग का तथा जिला परिषद सदस्य के लिए हल्के पीले रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है। चार अलग-अलग रंगों के मतपत्रों के माध्यम से मतदाताओं को पदों की पहचान करने में आसानी होगी।
वहीं, अगले वर्ष अप्रैल-मई में संभावित पंचायत चुनावों को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। पंचायती राज विभाग की ओर से झारखंड पिछड़ा वर्ग आयोग के माध्यम से ट्रिपल टेस्ट कराया जाएगा। इसकी शुरुआत अगले महीने जुलाई से होने की संभावना है।
ट्रिपल टेस्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में ओबीसी-1, ओबीसी-2 तथा ओबीसी महिला वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। आरक्षण का निर्धारण संबंधित क्षेत्रों की जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा।
राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग में अतिरिक्त मानव संसाधन (मैनपावर) भी बढ़ाया जा रहा है, ताकि सर्वेक्षण और आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी हलचल बढ़ने लगी है। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर अब चुनावी कार्यक्रम और आरक्षण से जुड़ी आगामी घोषणाओं पर टिकी हुई है।