जमशेदपुर में वाहन जांच को लेकर बढ़ती शिकायतें और विवाद
जमशेदपुर : वाहन जांच अभियान सड़क सुरक्षा के लिए चलाया जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। वाहन चालकों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों ने अनावश्यक रोक-टोक, दुर्व्यवहार और अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने छह दुर्व्यवहार से जुड़ी शिकायतों को स्वीकार करते हुए CCTV और बॉडी कैमरा की व्यवस्था शुरू की।
अक्टूबर 2025 में पारडीह चौक पर वाहन जांच के दौरान मजदूरों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बार-बार रोकने और पैसे मांगने का आरोप लगाया, जिसे पुलिस ने खारिज किया। सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें नकद लेन-देन का दबाव बताया गया है। स्थानीय लोग लंबे समय तक जांच और बार-बार रोकने से खासकर औद्योगिक क्षेत्र के मजदूर प्रभावित हैं। पुलिस का कहना है कि वाहन जांच का उद्देश्य सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण है, और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई तकनीक लागू की गई है।