1830 में स्थापित श्री राम जानकी मंदिर उपेक्षा का शिकार, संरक्षण की दरकार...
सक्ति : जिला सक्ती के थाना मालखरौदा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़े सीपत में स्थित लगभग 196 वर्ष पुराने श्री राम जानकी मंदिर का निर्माण वर्ष 1830 में हुआ था। मंदिर का पुजारी माधव दास बैरागी (गुरु पुजारी भुवनेश्वर दास बैरागी) ने बताया कि बैरागी परिवार द्वारा लगातार पूजा-अर्चना और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। मंदिर क्षेत्रवासियों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
मंदिर में प्रत्येक मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना होती है तथा रामनवमी, रथ यात्रा एवं महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं हो पाए हैं, जबकि इसकी प्राचीनता और महत्व के अनुरूप विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पुजारी माधव दास बैरागी ने श्रद्धालुओं से मंदिर की स्वच्छता और संरक्षण में सहयोग की अपील की है। ग्रामीण और श्रद्धालु जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों से भी संरक्षण और सौंदर्यीकरण की पहल करने का आग्रह कर रहे हैं।