पूंजीवाद और मेडिकल शिक्षा पर विचार
यह लेख पूंजीवाद के प्रभावों पर केंद्रित है, जिसमें बताया गया है कि पूंजीवाद कभी भी लोगों को सहूलियत में आसानी नहीं देता। इसमें विशेष रूप से एजुकेशन और इलाज को महंगा करने की बात कही गई है, जिससे आम जनता को कठिनाई होती है। लेखक के अनुसार, मेडिकल शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि एमबीबीएस करने में लगभग एक करोड़ रुपए खर्च होते हैं।
लेखक यह भी बताते हैं कि इतना खर्च करने वाले डॉक्टर सस्ते इलाज नहीं कर सकते और इसके कारण मरीजों को गैर जरूरी महंगे टेस्ट और दवाइयां करानी पड़ती हैं। साथ ही, सर्जरी से डिलीवरी कराने जैसी अतिरिक्त खर्चीली प्रक्रियाओं का जिक्र भी किया गया है। लेखक का मानना है कि मेडिकल की पढ़ाई प्रतिभा के आधार पर पूरी तरह से मुफ्त होनी चाहिए क्योंकि मेडिकल का इंट्रेंस परीक्षा पास करना हर किसी के बस की बात नहीं है।