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सड़क नहीं संघर्ष का रास्ता लोहारा ताला चंदेल बस्ती के ग्रामीण मूलभूत सुविधा से वंचित


खीरी, प्रयागराज।
विकास के दावों के बीच आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। तहसील मेजा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कौहट स्थित लोहरा ताला चंदेल बस्ती के लोगों को आज भी मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए कच्ची और पगडंडी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण पंकज सिंह चंदेल ने बताया कि बस्ती से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को कच्चे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। वर्तमान समय में भी ग्रामीण किसी तरह मुख्य मार्ग तक पहुंच पाते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में यह रास्ता और अधिक दयनीय हो जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन लगभग बाधित हो जाता है।
वहीं राजबहादुर सिंह चंदेल ने बताया कि उनकी बस्ती से मुख्य सड़क की दूरी लगभग दो किलोमीटर है। ग्राम पंचायत स्तर पर केवल मिट्टी डालकर सड़क निर्माण का कार्य किया गया है, जो स्थायी समाधान साबित नहीं हो सका। बस्ती में लगभग 200 से 250 लोगों की आबादी निवास करती है, जिन्हें वर्षों से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। परिणामस्वरूप क्षेत्र के लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि लोहरा ताला चंदेल बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके और क्षेत्र के विकास को नई गति मिल सके। सड़क निर्माण होने से न केवल ग्रामीणों का जीवन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी बेहतर हो सकेगी।

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