राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जनजातीय विकास सम्मेलन का उद्घाटन किया
भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 3 जून, 2026 को एकीकृत जनजातीय विकास संस्थाओं और परियोजनाओं को सुदृढ़ करने पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु के 'सेंटर फॉर नैनो साइंस एंड इंजीनियरिंग' में 'ट्रेनिंग फैब' और 'एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों' में 75 'स्पेस लैब्स' का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
राष्ट्रपति ने सम्मेलन में कहा कि यह सभी प्रतिभागियों का उत्तरदायित्व है कि वे जनजातीय समुदायों के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को सीधे उनके गांवों और घरों तक पहुंचाएं ताकि जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने सभी एजेंसियों और परियोजनाओं से जुड़े लोगों को गर्भवती माताओं को पोषण, बच्चों को शिक्षा, युवाओं को आजीविका और परिवारों को कल्याण सुनिश्चित करने की सलाह दी। उन्होंने आधुनिक विकास के साथ जनजातीय संस्कृति और ज्ञान-परंपराओं पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की प्रसन्नता व्यक्त की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए सभी हितधारकों से बच्चों और युवाओं के कौशल विकास में योगदान का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 500 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय समुदायों का समग्र विकास वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का अभिन्न हिस्सा है और इस सम्मेलन से निकाले गए सुझावों और रोडमैप से जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू किया जाएगा।