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आपदा अनुग्रहिक राहत वितरण में पारदर्शिता पर जोर, लाभुकों की सूची तैयार करने के लिए जारी किए गए सख्त निर्देश

मुजफ्फरपुर/गायघाट: आपदा अनुग्रहिक राहत वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से अंचलाधिकारी शिवांगी पाठक ने लाभुकों की सूची तैयार करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि राहत राशि केवल वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए सूची निर्माण से लेकर सत्यापन तक सभी प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों का विवरण आधार संख्या के साथ दर्ज किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक परिवार से केवल एक व्यक्ति, जो परिवार का मुखिया होगा, उसे लाभार्थी के रूप में चिह्नित किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चयनित लाभार्थी का बैंक खाता व्यक्तिगत होना चाहिए तथा वह आधार से सीडेड होना अनिवार्य है।
प्रशासन ने वार्ड, पंचायत और अंचल स्तर पर व्यापक सर्वेक्षण कर ऐसे परिवारों की पहचान करने का निर्देश दिया है जो किसी कारणवश पूर्व की सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। ऐसे सभी पात्र परिवारों को सूची में जोड़ने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर के कर्मियों को दी गई है। इसके लिए ग्राम स्तरीय कर्मियों को घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने और उसके आधार पर लाभुकों की सूची तैयार करने को कहा गया है।
निर्देश में यह भी कहा गया है कि तैयार की गई सभी सूचियों का संबंधित पंचायत समिति द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद अंचलाधिकारी सूची की जांच कर अंतिम रूप से उसका सत्यापन करेंगे। प्रशासन का मानना है कि बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया से अपात्र व्यक्तियों के नाम शामिल होने तथा पात्र लाभार्थियों के छूटने की संभावना कम होगी।

प्रखंड ऑपरेटरों के लिए भी जारी हुए विशेष निर्देश

राहत वितरण से संबंधित डेटा प्रविष्टि कार्य में लगे प्रखंड ऑपरेटरों को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि आधार सीडिंग के बिना किसी भी नए लाभार्थी की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक लाभार्थी से आधार सहमति पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके लिए ऑपरेटरों को सहमति फॉर्म डाउनलोड कर लाभार्थियों से आवश्यक जानकारी भरवाने तथा उनके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेने को कहा गया है।
इसके अलावा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि लाभार्थी का आधार यूआईडी के माध्यम से सत्यापित हो और उसका बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ हो। ऑपरेटरों को लाभार्थियों की आयु का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। निर्देशानुसार 18 वर्ष से कम तथा 90 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों की प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने परिवार संबंधी विवरणों की शुद्धता पर भी जोर दिया है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो उसे तत्काल सुधारने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों के पालन से राहत वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनेगी तथा वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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