2. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर तेज़ी से काम शुरू
2. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर तेज़ी से काम शुरू
8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी शर्तों (Terms of Reference - ToR) को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब जमीनी स्तर पर काम और सुझाव लेने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
अधिकारियों के दौरे: देश के अलग-अलग हिस्सों में पेंशनभोगी संगठनों और यूनियनों से सुझाव लेने के लिए बैठकों का दौर जारी है। जून (1 से 4 जून 2026) के दौरान जम्मू-कश्मीर और श्रीनगर में चर्चा चल रही है, जिसके बाद लद्दाख और लखनऊ में बैठकें होनी हैं।
पेंशन संशोधन: आधिकारिक शर्तों (ToR) में स्पष्ट किया गया है कि जो पेंशनर्स 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर हुए हैं, उन्हें भी इस नए वेतन आयोग के तहत पेंशन रीस्ट्रक्चरिंग (संशोधन) का पूरा लाभ दिया जाएगा।
प्रस्तावित मांगें: कर्मचारी संगठनों द्वारा न्यूनतम पेंशन को अंतिम आहरित वेतन (Last Pay Drawn) का 67% करने और वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए उम्र के आधार पर (जैसे 65 वर्ष, 70 वर्ष की आयु पार करने पर) अतिरिक्त पेंशन की प्रोग्रेसिव व्यवस्था शुरू करने की ज़ोरदार मांग उठाई जा रही है।
3. बढ़ी हुई सेवानिवृत्ति आयु (Retrospective Benefit) पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्ष 2011 से 2016 के बीच रिटायर हुए CAPF (जिसमें CRPF, BSF, ITBP शामिल हैं) के जवानों और अधिकारियों की पेंशनरी लाभ से जुड़ी एक समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने साफ किया है कि वर्ष 2019 (देव शर्मा मामले) में जो जवानों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाकर एकसमान 60 वर्ष की गई थी, उसका वित्तीय या पेंशनरी लाभ उन लोगों को पिछली तारीखों (Retrospective) से नहीं दिया जा सकता जो 31 जनवरी 2019 से पहले ही अपनी 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके थे। कोर्ट ने 'नो वर्क, नो पे' के सिद्धांत को दोहराते हुए कहा कि चूंकि इस विस्तारित अवधि में वास्तविक सेवाएं नहीं दी गईं, इसलिए पिछली तारीख से एरियर या सेवा निरंतरता का दावा मान्य नहीं होगा।
4. 'पेंशन अदालत' (Pension Adalat) के जरिए लंबित मामलों का निपटारा
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा आयोजित की गई 16वीं राष्ट्रीय पेंशन अदालत की रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय और अर्धसैनिक बलों के कई वर्षों से रुके हुए एरियर व पेंशन विसंगतियों के मामलों को ऑन-द-स्पॉट सुलझाया गया है।
इसके तहत छटवें और सातवें वेतन आयोग के समय से लंबित पड़े पारिवारिक पेंशन (Family Pension) के संशोधन, वॉलंटरी रिटायरमेंट (VRS) लेने वाले CRPF जवानों के अंतिम जीपीएफ (GPF) भुगतान और मेडिकल बोर्ड आउट हुए जवानों के डिसेबिलिटी पेंशन मामलों को क्लियर करके लाखों रुपयों के एरियर का भुगतान सीधे खातों में किया गया है।
इसके साथ ही सरकार आगामी जुलाई 2026 में 'विशेष अभियान 3.0' शुरू करने जा रही है, जिसके तहत भौतिक रूप से (Physical Form) प्राप्त पुरानी और जटिल शिकायतों को मिशन मोड में दूर किया जाएगा।