पश्चिम बंगाल टीएमसी में आंतरिक बिखराव, 58 विधायक बागी हुए
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आंतरिक संकट में फंसी है। 3 जून, 2026 को टीएमसी के 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से 58 ने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में बागी रुख अपना लिया और मुख्य विपक्षी दल होने का दावा किया। यह विद्रोह चुनाव हार के बाद राजनीतिक संरचना के टूटने का संकेत है, जो स्थानीय 'फ्रैंचाइजी' मॉडल पर आधारित थी।
टीएमसी का यह मॉडल स्थानीय क्षत्रपों को स्वायत्तता देता था, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने और प्रशासनिक सुधारों के चलते यह ढांचा कमजोर हो गया। डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में सत्ता के केंद्रीकरण को लेकर असंतोष इस विद्रोह की मुख्य वजह है। बागी विधायक अभिषेक बनर्जी को अलग-थलग कर ममता बनर्जी को प्रतीकात्मक मार्गदर्शक बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। पार्टी आलाकमान ने सभी कमेटियों को भंग कर समीक्षा शुरू कर दी है, जबकि दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी लड़ाई की संभावना भी बढ़ रही है।