सिंगरौली: सड़क सुरक्षा निधि, ओवरलोड वाहनों और पत्रकार से अभद्रता के आरोपों पर उठे सवाल
सिंगरौली: सड़क सुरक्षा निधि, ओवरलोड वाहनों और पत्रकार से अभद्रता के आरोपों पर उठे सवाल
सिंगरौली जिले में सड़क सुरक्षा निधि से आर्थिक सहायता, ओवरलोड वाहनों के संचालन और पत्रकार के साथ कथित अभद्रता को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि कलेक्टर सभागार में आयोजित बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा निधि से ₹4 लाख सहायता राशि देने की बात हुई थी, जबकि संबंधित राजस्व अधिकारी का कहना है कि “प्रावधान से ऊपर पैसा नहीं मिल पाएगा”।
विवाद उस समय और गहरा गया जब एक पत्रकार द्वारा मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने पर मोबाइल छीने जाने तथा एफआईआर की चेतावनी दिए जाने के आरोप सामने आए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल ओवरलोड कोयला, राखड़ (फ्लाई ऐश) और भारी वाहनों के संचालन को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे वाहन नियमों के विरुद्ध चल रहे हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। जिला प्रशासन की पूर्व बैठकों में भी नियमों का पालन न करने वाले राखड़ वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मोटर वाहन नियमों के तहत ओवरलोड वाहन चलाना वैधानिक रूप से प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में परिवहन विभाग तथा प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कार्रवाई का प्रावधान है। यदि किसी क्षेत्र में लगातार ओवरलोड वाहन संचालित हो रहे हैं, तो यह जांच का विषय बन सकता है।
अब जनचर्चा का केंद्र यह है कि सड़क सुरक्षा निधि से सहायता राशि के वास्तविक प्रावधान क्या हैं, बैठक में क्या निर्णय हुआ था, और ओवरलोड वाहनों के संचालन पर प्रशासन की क्या कार्रवाई हुई है। मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
**(नोट: मोबाइल छीने जाने, एफआईआर की चेतावनी और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर समाचार अपडेट किया जा सकता है।)**
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DR. MOHAN YADAV CM MADHYA PRADESH PRO SINGRAULI RAM NIVASH SHAH DR.RAJESH MISHRA
RAJENDRA MESHRAM
रिपोर्टर रामकुमार गुप्ता सिंगरौली मध्य प्रदेश